सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दायर निगरानी याचिका को सेशम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। यह आदेश शुक्रवार को सुनवाई के बाद एडीजे एचबी सिंह की कोर्ट ने दिया।
ओमप्रकाश दास ने एक सितंबर को दायर किए गए केस में 28 अगस्त को प्रकाशित मुलायम सिंह के बयान को आधार बनाया था।
इसमें कहा गया था कि यदि अयोध्या में 1990 में 16 के बजाए तीस कारसेवक भी मारे जाते तो भी मुझे कोई हर्ज नहीं होता और मेरे ही इशारे पर कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं। वादी का कहना था कि घटना के 27 साल बाद लखनऊ मे एक कार्यक्रम के दौरान मुलायम ने यह स्वीकार किया कि यह कृत्य उनके इशारे पर किया गया।
उनके इस बयान से हिन्दू व मुस्लिमों के बीच सामाजिक व धार्मिक सौहार्द की क्षति हुई, तथा विद्वेष की भावना पैदा हुई। अधिवक्ता हरिओम दुबे ने बताया कि सुनवाई के बाद कोर्ट ने दाखिल निगरानी खारिज कर दी। अब वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।