पढ़ाने का तरीका रोचक बनाने को दिया प्रशिक्षण
- फोटो : Logo
अमानीगंज ब्लॉक के शिक्षक दाताराम और दीपकांत को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। कुछ शिक्षक/शिक्षिकाओं का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया गया है। बीएसए के औचक निरीक्षण का हाल यह रहा कि कक्षा आठ के बच्चे अपने स्कूल का नाम तक नहीं लिख पाए।
मसौधा ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल गद्दोपुर के कक्षा आठ के बच्चे अपने विद्यालय का नाम नहीं लिख पाए। यहां की प्रधानाध्यापिका नफीसा फातिमा का वेतन रोक दिया गया जबकि दो सहायक शिक्षिकाओं माया पांडेय व नाजिश खालिक का एक दिन का एक दिन का वेतन काट दिया गया है।
यहां के तीन अनुदेशकों विजय कुमार कमला और नाजिया खानम का मानदेय रोक दिया गया है। प्रा.वि शिवाला मऊ में शिक्षण अवधि में एनजीओ की ओर से शिक्षा कार्य करने के कारण प्रथम एजूकेशनल फाउंडेशन को जिले के दूसरे बेसिक स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता का कार्य करने से रोक दिया गया है।
प्रावि. लोनियन का पुरवा के बच्चे न तो नाम लिख पा रहे थे और न ही पहाड़ा सुना पा रहे थे। यहां की शिक्षिक अंजू सिंह और नीलम गुप्ता का गुणवत्ता सुधार होने तक वेतन रोक दिया गया।
अमानीगंज के प्रावि. मंझनपुर के प्रधानाध्यापक उमाशंकर की वेतन वृद्धि रोकी गई जबकि यहां की शिक्षिका मीना कुमारी का एक दिन का वेतन काटा गया। पूमावि. रामपुर गोहनियां में 44 में सिर्फ चार बच्चे ही स्कूल में मिले जबकि एमडीएम में 13 बच्चे दर्ज थे।
यहां के प्रधानाध्यापक दाताराम को सस्पेंड कर दिया गया जबकि शिक्षक राम नरायन वर्मा का एक दिन का वेतन काटा गया। प्रावि तुलापुर सरौली के प्रधानाध्यापक दीपकांत को सस्पेंड
कर दिया गया। निरीक्षण में बीएसए योगेंद्र कुमार के साथ एबीएसए संजय कुमार मौजूद रहे। बीएसए ने इन कार्रवाइयों की पुष्टि की है।