अयोध्या। कोविड एल-टू हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में रविवार को दूसरे दिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और बदहाल हो गई। करीब 9 घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे कोरोना मरीज एक-एक बूंद पानी को तरस गए।
पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता व एसडीओ से रात भर संपर्क नहीं हो सका। इससे बिजली मरम्मत कराने में और विलंब हुआ। नतीजतन सुबह तक मरीजों में हाहाकार मच गया। उच्च अधिकारियों के दखल पर करीब 9:30 बजे तक आपूर्ति बहाल हो सकी।
मेडिकल कॉलेज में 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र दर्शननगर से 24 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान है, लेकिन आए दिन आपूर्ति बाधित रहने से समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इधर, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज को कोविड एल-टू हॉस्पिटल के रूप में चयनित किया गया है, जहां करीब डेढ़ सौ मरीज मौजूदा समय में भर्ती हैं।
सरकार इन मरीजों को खानपान से लेकर रहन-सहन तक तमाम बेहतर सुविधाएं मुहैया करा रही है, लेकिन बदहाल विद्युत आपूर्ति से सब पर पानी फिरता नजर आ रहा है। शुक्रवार को एक फेस बिजली खराब होने से मोटर नहीं चल सका था और मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। शनिवार को व्यवस्था और बदहाल हो गई।
रात करीब 12:30 बजे अचानक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई। कुछ देर बाद जनरेटर से रोशनी व पंखे चलाने का इंतजाम तो हो गया, लेकिन जलापूर्ति के लिए स्थापित पांच हजार लीटर की टंकी खाली हो गई। मोटर न चलने से सुबह तक लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस उठे। नित्यक्रिया के लिए अफरा-तफरी तफरी का माहौल रहा।
बिजली गुल होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रात से ही पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता व एसडीओ से संपर्क साधना शुरू किया, लेकिन फोन तक नहीं उठा। सुबह उच्चाधिकारियों के दखल पर बिजली मरम्मत हुई और 9:30 बजे तक आपूर्ति शुरू हुई। तब मरीजों को पानी नसीब हुआ।
डीजल भी हो गया खत्म
देर रात से ही जनरेटर चलने के कारण सुबह करीब पांच बजे जनरेटर का डीजल भी खत्म हो गया, जिससे वार्डों में अंधेरा छा गया। हालांकि डीजल का इंतजाम करके करीब एक घंटे में आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन इस बीच मरीज गर्मी व उमस से परेशान दिखे।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर विजय कुमार ने बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद जेई का फोन नहीं उठा और एसडीओ का फोन बंद रहा। पावर कारपोरेशन के बड़े अधिकारियों को अवगत कराया गया, तब बिजली मरम्मत हुई। रोज की यही समस्या है। उच्च अधिकारियों को स्थाई निदान के लिए पत्र लिखा जाएगा।