अयोध्या। कोरोना का खतरा जिले में बढ़ता जा रहा है। शनिवार को यश पेपर्स लिमिटेड, दर्शननगर के 21 कर्मचारियों सहित 44 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की चौक बजाजा शाखा का लिपिक भी शामिल है। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 439 पहुंच गई है। इससे जनपदवासियों में खौफ व दहशत का माहौल है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन व विशेषज्ञों का जुलाई में कोरोना का कहर बढ़ने का दावा सही साबित हो रहा है। जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही संक्रमण की गति जिले में और बढ़ गई है। शनिवार को 44 और मरीज पाए गए हैं। इनमें 21 मरीज यश पेपर्स के कर्मचारी हैं। इसके अलावा शहर के विष्णुपुरी कॉलोनी, शास्त्रीनगर व साहबगंज निवासी एक-एक, शहर के दालमंडी निवासी 27 वर्षीय महिला, सआदतगंज बढ़ई का पुरवा निवासी 32 वर्षीय व्यक्ति, अयोध्या के हिंदू धाम में एक, पूराबाजार के कुशमाहा में एक, मसौधा के पूरे इंसा तिवारी सरैया में एक, मिल्कीपुर के पलियामाफी में मुंबई से आए एक ही परिवार के चार, मया बजार के अमारी में एक, मसौधा के हाजीपुर सिंहपुर में एक, खानपुर में दो व शिवदासपुर में एक मरीज पाया गया है।
रिपोर्ट प्राप्त होते ही इनमें से 29 मरीजों को एल-2 मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर व शेष को झुनझुनवाला कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। संबंधित इलाकों में कोरोना बचाव से संबंधित कार्य प्रारंभ किए गए हैं।
कोरोना हब बना यश पेपर्स मिल
यश पेपर्स कोरोना संक्रमण का हब बनता जा रहा है। एक सप्ताह में ही यहां 46 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बीते चार जुलाई को यहां के एमडी व उनकी पत्नी के ट्रूनेट मशीन की जांच में पॉजिटिव आने के बाद संदिग्धों की जांच कराई गई तो स्थिति चिंताजनक मिल रही है। शनिवार को आए 21 मरीजों में फतेहपुर निवासी 21 वर्षीय युवक, सरायरासी निवासी 34 वर्षीय युवक, सिरसिंडा निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति, सलारपुर सआदतगंज निवासी 36 वर्षीय व्यक्ति, विस्तार कालोनी निवासी 51 वर्षीय व्यक्ति के साथ ही मिल परिसर में निवास करने वाले 16 अन्य लोग शामिल हैं। जिला प्रशासन भी यहां पर भयावह स्थिति के बारे में शासन को अवगत करा चुका है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि अब तक यहां करीब चार सौ संपर्कियों की शिनाख्त की गई थी। जिसमें से करीब सौ लोगों की प्रतिदिन जांच कराई जा रही थी। प्रतिदिन काफी संख्या मरीज यहां से पाए जा रहे हैं, यह चिंताजनक है। बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मिल प्रबंधन ने कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन नहीं किया। समस्त कार्य यहां पूर्ववत जारी रहे। ट्रांसपोर्टेशन भी पूर्ववत चलता रहा। संभवत: इसी वजह से संक्रमण यहां प्रवेश किया है। इस भयावह स्थिति के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। शासन स्तर से संक्रमण की जांच कराने को कहा गया है।