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कोरोना से लड़ रही महिला के बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव

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मिल्कीपुर। घुरेहटा के एक परिवार की त्रासदी का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तीन मासूमों के साथ दिल्ली में रह रही महिला पहले ही अपने पति को गंवा चुकी है। वापस आने पर कई दिन तक मासूमों को लेकर गांव के बाग में खुले आसमान के नीचे रही।
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फिर महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उसे मसौधा में लाकर भर्ती कराते हुए तीनों बच्चों को भी क्वारंटीन किया गया। शुक्रवार को आई मेडिकल रिपोर्ट में महिला की छह वर्षीय बेटी भी कोरोना पॉजिटिव आ गई है। प्रशासन ने शनिवार को गांव को चारों तरफ से सील कर दिया है।
घुरेहटा निवासी एक दलित परिवार का इकलौता बेटा दिल्ली में लोहे की पल्लेदारी करता था। वहीं पर अपनी पत्नी और 8 वर्षीय बेटा, 6 वर्षीय बेटी व डेढ़ वर्ष के बेटे के साथ जिंदगी गुजार रहा था।
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लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार पर कोरोना का ऐसा कहर टूटा कि युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और महीने भर दिल्ली के अस्पताल में रहने के बाद मौत हो गई। पत्नी को अपने पति का और बच्चों को अपने पिता का अंतिम समय में मुंह भी देखने को नहीं मिला। मकान मालिक ने महिला और बच्चों को घर से निकाल दिया। बच्चों के साथ दिल्ली से भागकर महिला अपने गांव घुरेहटा पहुंची और गांव के बाहर बाग में अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ क्वारंटीन हो गई।
इसी बीच 24 मई की रात 10 बजे प्रशासन के अधिकारी पहुंचते हैं और महिला को भी पॉजिटिव होने की खबर सुना देते हैं। महिला इस समय मसौधा हास्पिटल में कोरोना से जंग लड़ रही है। इसी दौरान शुक्रवार को महिला की पुत्री (6) की भी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है।
अब दो मासूम बच्चों की रिपोर्ट का इंतजार है। बूढ़े पिता और माता के सामने पूरी तरह से अंधेरा छाया हुआ है। आर्थिक गर्दिश में पहले से जूझता परिवार अब मानसिक रूप से टूट चुका है। प्रशासन ने शनिवार को गांव को चारों तरफ से सील कर दिया है। हालांकि परिवार दिल्ली से आने के बाद गांव के अंदर नहीं घुसा था। वह अपने बच्चों के साथ बाग में ही क्वारंटीन थी। महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे 25 मई की सुबह ही झुनझुनवाला एल-वन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
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