अयोध्या। जिले में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार देर रात आई रिपोर्ट में नौ और मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद आननफानन गांवों में स्वास्थ्य टीमें रवाना की गईं और मरीजों को आइसोलेट किया गया। मौजूदा समय जिले में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा सौ पार कर चुका है। जिले में अब तक 105 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। जबकि सक्रिय मरीज 95 रह गए हैं।
अन्य प्रांतों से लौटे कामगार व प्रवासी श्रमिकों में कोरोना संक्रमण की चेन लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार तक 59 गांव इसकी चपेट में आ चुके थे। इनमें 12 गांवों में एक से अधिक मरीज हैं। इन गांवों को सील करते हुए लोगों को घरों में कैद कर दिया गया है।
उधर, शुक्रवार देर रात आई रिपोर्ट में हालात और खराब हो गए हैं। जिले के नौ अन्य व्यक्तियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। ये सभी लोग भी अलग-अलग तिथियों में अन्य प्रदेशों से लौटे बताए गए हैं। शुक्रवार सुबह ही इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अमला गंभीर दिखा और संबंधित गांवों में टीमें रवाना की गईं। मरीजों को कोविड हॉस्पिटल में आइसोलेट करने, उनके नजदीकियों को क्वारंटीन करने, गांवों को सील करते हुए बचाव कार्य कराने की प्रक्रियाएं शुरू हुईं।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार बीकापुर ब्लॉक के पातूपुर खास गांव निवासी दंपती अपनी पुत्री के साथ ट्रेन से 21 मई को मुंबई से घर आए थे, जिन्हें होम क्वांरटीन किया गया था। तीनों लोग घर के पास ही अलग छप्पर में रह रहे थे।
सीएचसी बीकापुर के अधीक्षक अब्दुल खतीब अंसारी ने बताया कि इनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे। इसके बावजूद चार दिन पूर्व दंपती का पूल सैंपलिग किया गया था। पुत्री की अभी जांच नहीं हुई है। गुरुवार रात रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद शुक्रवार सुबह गांव को सील करने, विसंक्रमित, सैनिटाइज सहित जरूरी कार्यवाही शुरू की गई। गठित की गई पांच टीम द्वारा घर-घर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग व सर्वे किया गया। कोतवाली पुलिस ने गांव को जाने वाले सभी पांच रास्तों को बांस-बल्ली लगाकर सील कर दिया है।
मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह, तहसीलदार दिग्विजय सिंह, सीएचसी अधीक्षक ने प्राथमिक विद्यालय में बैठक कर संक्रमण रोकने के लिए रणनीति तैयार किया। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि मरीजों को उपचार के लिए कोविड अस्पताल मसौधा भेजा गया है। जबकि क्लोज कांटेक्ट के आशंका में 8 लोगों को आइसोलेशन के लिए झुनझुनवाला विद्यालय में भेजा जा रहा है।
हनुमतनगर प्रतिनिधि के अनुसार पूरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत रामदत्तपुर अटरावां निवासी अधेड़ 16 मई को मुंबई से ट्रेन द्वारा गांव पहुंचा था। 26 मई को सैंपल भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। शुक्रवार को खंड विकास अधिकारी केडी गोस्वामी, सहायक विकास अधिकारी अयोध्या प्रसाद, ग्राम पंचायत अधिकारी शशिकला यादव ने गांव के सभी मार्गों को सील करा दिया। राजस्व निरीक्षक द्वारिका प्रसाद पाठक, लेखपाल सियाराम चौरसिया ने टीम के साथ सर्वे कराया। ग्राम प्रधान शीला देवी ने बताया कि मरीज को कोरोना हॉस्पिटल मे भेजा गया और उसकी पत्नी को होम क्वारंटीन करा दिया गया। माता-पिता और भाई उससे कई वर्षों से अलग रहते हैं।
इसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत सूखापुर इटौरा निवासी अधेड़ मुंबई भिवंडी से 15 मई को ट्रक द्वारा गांव आया था। जरूरी जांच कर उसे होम क्वारंटीन किया गया था। 26 मई को उसका नमूना जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से गांव में हड़कंप मच गया। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने मरीज को कोरोना हॉस्पिटल पहुंचाया तथा परिवार के 12 सदस्यों को होम क्वारंटीन करा दिया और गांव को सील करते हुए थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन, सर्वे आदि कराया गया। पूर्व प्रधान सतीश पांडेय का आरोप है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के साथ सात लोग एक साथ ट्रक से गांव आये थे, जिसमें मात्र दो लोगों का सैंपल हुआ है। अभी 5 लोगों का सैंपल नहीं हुआ है, जिसे प्रशासन को तत्काल कराना चाहिए। सीएचसी अधीक्षक पूरा बाजार डॉ. अमित वर्मा ने टीम के साथ दोनों गांवों में पहुंचकर डोर-टू-डोर थर्मल स्क्रीनिंग कराते हुए गांव को सैनिटाइज कराया।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसारत विकास खंड सोहावल के शेखपुर जाफर निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति सप्ताह भर पूर्व मुंबई से आया था। कोरोना जांच के लिए उसका नमूना लेकर होम क्वारंटीन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ग्रामीण सकते में आ गए। आरोप है कि इस बीच वह गांव में घूमता भी रहा, जिससे संक्रमण की चेन बढ़ने का खतरा भी बना है। रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को टीमें गांव में पहुंची और युवक को आइसोलेट करने के साथ अन्य बचाव कार्य किए गए।
कुचेरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्र के खिहारन मजरे पूरे पुदई शुक्ल निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति बीते सप्ताह दिल्ली से घर लौटा था। जिसका कोरोना जांच के लिए नमूना लेकर होम क्वारंटीन किया गया था। शुक्रवार को एसडीएम अशोक कुमार शर्मा ने अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर मरीज को कोविड हॉस्पिटल भेजवाया एवं गांव को सील करवाया। गांव को सैनिटाइज कराते हुए तत्काल सील कराए जाने की प्रक्रिया आरंभ की गई। एसडीएम ने बताया कि मरीज के परिवार के तीन व्यक्तियों को क्वारंटीन किया गया है। वहीं तीन अन्य गांवाें में भी तीन लोग संक्रमित मिले हैं, जिससे जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 105 हो गई।