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कोरोना महामारी के चलते चार माह से मैदान से दूर हैं खिलाड़ी

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अयोध्या। कोरोना महामारी के बीच खिलाड़ी बीते चार महीने से मैदान से दूर हैं। स्टेडियमों की बंदी के कारण सड़कों पर फिटनेस की तैयारी हो रही है, यह अलग बात है कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लिए यह प्रयास नाकाफी है।
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खिलाड़ियों की तरफ से बढ़ती मांग को देखकर खेल विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है, अब स्टेडियम खोलने पर उत्तर प्रदेश सरकार को निर्णय लेना है। वहीं, खेल प्रशिक्षकों व खिलाड़ियों ने प्रतिबंधों के साथ स्टेडियम खोले जाने की मांग की, जिससे वह अभ्यास कर सकें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने क्रीड़ा संकुल और स्टेडियम में अभ्यास पर रोक लगा रखी है, इसके चलते खिलाड़ी मैदान से दूर हैं। खेल विभाग के अंतर्गत चलने वाले दीर्घकालीन प्रशिक्षण शिविर बंद है, साथ ही प्रदेश के खेल छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया भी ठप है, इस सत्र में खेल छात्रावास में प्रवेश को लेकर संशय कायम है। खेल छात्रावासों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने की मुहिम को भी झटका लगा है, खेल छात्रावासों में रहने वाले प्रदेश के सैकड़ों खिलाड़ी खेल मैदान से दूर अपने घर में है।
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वहीं, स्थानीय स्तर पर चलने वाले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर भी बंद है। जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम अपने खिलाड़ियों की बांट जोह रहा है। जिला अधिकारी की पहल पर स्टेडियम में बैडमिंटन के खिलाड़ियों को अभ्यास की अनुमति प्रदान कर दी गई है लेकिन इसी बीच स्टेडियम को अस्थाई जेल के लिए प्रस्तावित किए जाने के बाद यह खेल गतिविधि भी बंद हो गई हैं।
कभी सुबह और शाम को शारीरिक अभ्यास के लिए स्टेडियम में लगने वाली भीड़ सड़कों पर ननजर आती है। जिला क्रीड़ा अधिकारी इरफान ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण स्टेडियम में अभ्यास पर रोक लगाया गया है, खेल छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ी भी अपने-अपने घर भेज दिए गए। उन्होंने माना कि चार माह से अभ्यास से दूर रहने के कारण खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि खेल विभाग के स्तर पर चलने वाले खेल प्रशिक्षण शिविर को शुरू करने के लिए शासन स्तर पर अनुमति मांगी गई है। हमें अनुमति का इंतजार है।
खिलाड़ियों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव परमेंद्र सिंह ने माना कि स्टेडियम बंद करके खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों के हित में जल्द से जल्द निर्णय लिए जाने की बात कही। जिला विद्यालय क्रीड़ा समिति के संयुक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहां की सरकार को स्वास्थ्य एवं खिलाड़ियों के हित को देखते हुए जल्द से जल्द स्टेडियम खोलने का निर्णय लेना चाहिए। स्टेडियम बंद होने के कारण खिलाड़ी ही नहीं आमजन भी परेशान हैं। क्रिकेट प्रशिक्षक उत्तम कुमार ने कहा कि खेल मैदान से दूर खिलाड़ी मानसिक रोग का शिकार होता है, सरकार को यह समझना होगा। खिलाड़ी विकास यादव की माने तो जब बाजार खुल गए तो खेल मैदान बंद है हम इसका जवाब नहीं जान पा रहे। कहा कि सरकार के इस निर्णय से हम जैसे खिलाड़ियों का कैरियर दांव पर है। खिलाड़ियों के हित में प्रतिबंधों के साथ स्टेडियम खोलने का जल्द निर्णय ले।
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