नगर पालिका की सोमवार को हुई आपात बैठक में ठेकेदारों की कार्य प्रणाली को लेकर सभासदों में नाराजगी रही। देवकाली रोड के किनारे नाले के लिए गड्ढा खोदने व मिट्टी ठेकेदार द्वारा बेच देने, कई सड़कों की लंबाई टेंडर के बजाय दो-तीन मीटर कम करने, नगर में कुछ हैंडपंप ही री-बोर होने को लेकर सभासदों ने विरोध किया।
बैठक में जाड़े में जली अलाव की लकड़ी के मूल्य भुगतान को मंजूरी मिल गयी। पालिका की सड़कों के पत्थर में मुख्यमंत्री और नगर विधायक का नाम लिखने को लेकर सपा और भाजपा सभासदों के बीच नोंकझोंक भी हुई।
चेयरमैन विजय कुमार गुप्त के कक्ष में हुई बैठक में सभासद कमलेश सोलंकी, जयनारायण सिंह, मुस्कान सावलानी, अशोका द्विवेदी का कहना था कि सोडियम लाइटें खराब होती जा रही हैं। इन्हें बदलवाया जाये। अध्यक्ष ने कहा कि सोडियम की जगह एलईडी का शासनादेश आया है।
टेंडर होने वाला है 15 मार्च तक इस पर कुछ निर्णय होगा। सभासद सुरेंद्र यादव ने नाले का गड्ढा खोदकर ठेकेदार पर निकाली गई मिट्टी बेच देने का आरोप लगाया। कहा, कोई वाहन गिरा और मौतें हुईं तो ठेकेदार-पालिका जिम्मेदार होंगे। अध्यक्ष ने एई को ठेकेदार के बिल से कटौती करने और गड्ढों को भरवाने को कहा।
राजेश गौड़ ने ठेके के बाद भी ठेकेदार द्वारा चौक पार्क सही न कराने, विशाल पाल, अनिल सिंह ने सड़कों की लंबाई ठेकेदार द्वारा घाटा आने की बात कह कम करने, कमलेश सोलंकी ने घटिया नाली का विरोध करने के बावजूद ठेकेदार को भुगतान कर देने पर नाराजगी जताई।
बैठक में कुछ हैंडपंप री-बोर कराने के बाद शेष पर काम न होने का मामला उठाया। अध्यक्ष ने ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ कटौती का निर्देश दिया।