विकास खंड मवई के कस्बा नेवरा स्थित आर्या वर्त ग्रामीण बैंक में गुरुवार को कैश न मिलने पर ग्रामीणों ने बैंक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। शाखा प्रबंधक ने पहले ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए तो सूचना पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीण शांत हुए। वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अमानीगंज में भी ग्रामीणाें ने हंगामा किया। अंतत: ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा
बाबाबाजार प्रतिनिधि के मुताबिक गुरुवार को हंगामे के बाद जब पुलिस पहुंची तो लोग शांत हो गए। बैंक के बाहर लगी भीड़ में मौजूद खाता धारक जगप्रसाद यादव ने बताया कि तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे है लेकिन पैसा नहीं मिला।
संडवा के अशोक गुप्ता ने बताया कि पैसा न मिलने से अपने खेत गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। बैंक में जब पैसे लेने आओ तो वापस कर दिया जाता है। ग्राम रजनपुर के कंधई ने बताया कि तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गेहूं बोने के लिये पैसे नहीं हैं, अब लगता है कि बगैर खाद के ही गेंहूं बोना पड़ेगा। नेवरा के शमीम टेलर ने बताया कि कई दिनों से बीमारी से परेशान हैं, पैसे के लिए तीन दिनों से लाइन लगाना पड़ रहा है। जब हमारा नम्बर आता है तब तक बताया जाता कि पैसे खत्म हो गए है।
इलाज के लिये पैसे नहीं हैं, परेशानी बहुत है, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी प्रकार बड़ी संख्या में खाता धारक पैसा न मिलने से मायूस होकर लौट गए। शाखा प्रबंधक अनुज तिवारी ने बताया कि सोमवार से कैश की किल्लत से खाता धारकों को भुगतान नहीं कर पाए।
गुरुवार को जो पैसा आया था उसको कुछ लोगों में बांट दिया गया। उन्होंने कहा कि यहां केवल दो हजार के नोट मिलते हैं। जिनसे एक दिन में सौ लोगों को दो हजार का एक नोट देकर समझा दिया जाता है। यदि फुटकर पैसे मिले तो दिक्कतें न हो।
अमानीगंज प्रतिनिधि के मुताबिक गुरुवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अमानीगंज में कर्मचारियों ने लगभग 150 व्यक्तियों को अंदर कर बैंक गेट परताला लगा लिया। जबकि बैंक के बाहर लगभग दौ सौ खाता धारक मौजूद थे।
ताला खुलने के इंतजार में थक चुके खाताधारकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद सभी लोग मायूस होकर लौट गए। खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि बैंक के दलाल व्यापारियों व लंबरदारों की पास बुकें पहले अंदर कर लेते हैं और उनको नकदी का भुगतान कर देते हैं। भीड़ में मौजूद राम जियावन, राम तीरथ, उस्मान, नसीम, देव राम आदि लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से बैंक का चक्कर काट रहे हैं।