सूचना पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस के अपसरों ने दो जसीबी और साफ-सफाई के लिए लगाए गए मजदूरों को रोक लिया गया। प्रशासन और बार के पदाधिकारियों के बीच वार्ता देररात तक तक जारी थी।
बार एसोसिएशन के मंत्री अजय कुमार दुबे ने बताया कि जिला प्रशासन ने यह बंगला और इसके आसपास की जमीन वकीलों के वाहन पार्किंग के लिए दी थी। साफ सफाई के दौरान जर्जर होने के कारण बंगला गिर गया।
वहीं एडीएम नगर का कहना है कि बंगला वकीलों को पार्किंग के लिए कहा गया था उसे ढहाने के लिए नहीं। कई महीनों से बार एसोसिएशन और प्रशासन के मध्य वाहन पार्किँग को लेकर वार्ता का दौर चल रहा है।
25 जून को मुख्य सचिव से भी बार के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल मिला और वाहन पार्किंग के लिए जमीन की मांग की। उनके मौखिक आश्वासन पर वकील जिला पंचायत के सामने स्थित नजूल भूमि संख्या 4039 पर वाहन स्टैंड के लिए शुक्रवार को साफ सफाई करवाई और वहीं वाहन भी खड़े किए।
ऐसा लोगों का कहना है। प्रशासन के अफसरों ने इस पर आपत्ति की थी। इसके बाद शनिवार को वकीलों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलने गया। वहां एडीएम वित्त एवं राजस्व जय शंकर दुबे, एडीएम नगर आरएन शर्मा, सीआरओ प्रमोद शंकर शुक्ल व सीओ नगर के बीच वार्ता हुई।
मौखिक सहमति हुई कि बंगला नंबर पांच की जमीन पर वाहन स्टैंड की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके बाद बंगला नंबर पांच की साफ-सफाई करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन के अफसरों का कहना है कि उन्होंने सफाई के लिए नगरपालिका के अफसर से कहा था लेकिन यहां जेसीबी चलनी शुरू हो गई।
शाम होते-होते बंगला जमींदोज हो गया। इसकी खबर पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अफसरों ने काम कर रहे मजदूरों को हिरासत में ले लिया। दो जेसीबी को भी कब्जे में कर लिया। देरशाम तक बार के लोगों के साथ ही प्रशासनिक अफसरों की वार्ती देरशाम तक जारी रही।
इस बाबत बार के मंत्री अजय कुमार दूबे का कहना है कि साफ-सफाई के दौरान बंगला जर्जर होने के कारण गिर गया। एडीएम नगर आरएन शर्मा का कहना है कि बंगला नंबर पांच में अस्थाई वाहन खड़ा करने के लिए बातचीत में सहमति हुई थी। बंगला ढहाने के लिए नहीं।