बच्चे को दवाई खिलाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या के ऐतिहासिक सूरजकुंड में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दो फरवरी से मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के कार्यक्रम को प्रारंभ किया था।
आज यह चौथा आरोग्य मेला प्रदेश में हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि 2025 तक भारत को टीबी, फाइलेरिया तथा अन्य विषाणु जनित बीमारियों से मुक्त करना है। इसके लिए यह आरोग्य मेला बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे याद है 1947 से 2016 तक प्रदेश में केवल 12 मेडिकल कॉलेज बने थे। 2016 से 2019 के बीच तीन वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश में 28 मेडिकल कॉलेजों की नींव रखी गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में हर पीएचसी में चिकित्सा शिक्षा विभाग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, आयुष से जुड़े हुए चिकित्सक दो वर्षों के लिए प्रदेश में प्रत्येक रविवार को गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। योगी ने कहा कि मेला का मतलब जहां बिना भेदभाव सभी लोग एकत्र होकर के अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।
आरोग्य मेला स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है इसलिए स्वास्थ्य और आरोग्यता से जुड़ी हर एक सुविधा यहां उपलब्ध है। प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों ने इस सत्र में कक्षाएं प्रारंभ भी कर दी हैं। जिसमें अयोध्या का मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। जहां इस वर्ष से हम लोगों ने कक्षाएं प्रारंभ की हैं।
योगी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य जागरूकता के अनेक कार्यक्रम प्रारंभ हुए हैं। उन्होंने कहा कि पॉलिसी के अंतर्गत उन जनपदों में भी पीपीपी मोड पर हम एक-एक मेडिकल कॉलेज बनाने का कार्य करने जा रहे हैं, जिससे हर व्यक्ति को उसके जनपद में ही बेहतर स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो सके। इस दौरान सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, गोसाईगंज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी, विधायक रामचंद्र यादव सहित अन्य मौजूद रहे।