फैजाबाद में शुक्रवार को रिमझिम बारिश में भीग कर जाते राहगीर।
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तेज हवा और बूंदाबांदी ने शुक्रवार किसानों के माथे पर पसीना ला दिया है। तेज बारिश व ओले की आशंका से किसानों की नीद उड़ी हुई है। बरसात हुई तो आलू, मटर, अरहर, सरसों व गेहूं समेत सब्जियों की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
मौसम के करवट ली तो किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बुधवार की रात से बूंदा-बांदी शुरू हो गई। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। तेज हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। आसमान में बदली की वजह से किसान चिंतित है। इस समय गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं।
यदि पानी बरसा तो गेहूं की बालियों में दाने नहीं पड़ेंगे। इसी वजह से किसान चिंतित हैं। जिले में एक लाख हेक्टेयर पर गेहूं की फसल बोई गई है। तकरीबन एक लाख 39 हजार किसानों की गेहूं की फसल बरबाद होने की आशंका है।
भावापुर के नलिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि आठ बीघा गेहूं की फसल खेतों में लहलहा रही है। आसमान में बदली से वह चिंतित हैं। यदि पानी बरसा तो पूरी फसल बरबाद हो जाएगी। ऐसा ही कहना राजेन्द्र अवध का है।
जयसिंहमउ के अखंड प्रातप सिंह ने बताया कि तीन बीघा सरसों की फसल खलिहान में रखा हुई है। यदि पानी बरसा तो सरसों की फसल खलिहान में सड़ जाएगी। घूरीटिकर के राजाराम वर्मा नेे बताया कि इस समय बरसात की कोई जरूरत नहीं है।
पानी बरसेगा तो किसानों का नुकसान ही होना है। बेलगरा के केदारनाथ तिवारी और पारागरीबशाह के प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि आसमानी में बदली से वह परेशान हैं। घर की जमा पूजी खेतों में लगा चुके हैं। ऐसे वक्त में पानी बरसने से केवल नुकसान ही होगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव बताया कि इस समय बरसात की कोई जरूरत नहीं है। पानी बरसेगा तो निश्चित ही किसानों को नुकसान होगा।