रालोद नेता मुन्ना सिंह चौहान के पुत्र अमित सिंह।
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मेरे पिता की सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने जान ले ली। डॉक्टरों ने इतनी लापरवाही बरती कि एक सामान्य मरीज के साथ भी ऐसी कल्पना नहीं की जाती। पहले उन्हें आपात कक्ष में रात में भर्ती कर पेट दर्द की दवाएं दी गईं।
दूसरे दिन ब्लड जांच कराकर सीने में संक्रमण व निमोनिया बता एंटीबायोटिक दी गई। मैंने तभी कहा कि डेंगू की जांच भी करा लीजिए डॉक्टर साहब, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। अंतत: इसी लापरवाही से पिता जी की हालत बेहद खराब हुई।
बाद में डेंगू की पुष्टि होने पर भी पीजीआई में जान नहीं बचाई जा सकी। यह आरोप है रालोद के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सिंचाई मंत्री मुन्ना सिंह चौहान के इकलौते बेटे डॉ. अमित सिंह का।
‘अमर उजाला’ ने सोमवार को डॉ. अमित से उनके पिता की असामयिक मौत पर विस्तृत बातचीत की।
अमित पहले लखनऊ के डॉ. लोहिया अस्पताल में चिकित्सक रहे, अब चिनहट के पास सीएचसी पर तैनात हैं। अमित ने लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल के डॉक्टरों पर पिता के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सिविल अस्पताल समय से डेंगू की जांच कर लेता तो उनके पिता का गलत इलाज न होता और उनकी जान बच जाती।
यही नहीं एक वीआईपी होने के बावजूद उनके पिता के साथ सामान्य रोगी की तरह व्यवहार किया गया और काफी देर तक उनको प्रतीक्षारत रखा गया। अमित ने बताया कि रविवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के फोन आने पर इसकी शिकायत की थी, अब तेरहवीं बाद मुख्यमंत्री से मिलकर लिखित शिकायत करेंगे।