सीएचसी पूराबाजार का निरीक्षण करते वन राज्यमंत्री तेजनरायन पांडेय।
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वन राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने शनिवार को सीएचसी पूराबाजार में औचक निरीक्षण किया तो चिकित्सकों की अंधेरगर्दी सामने आई। अस्पताल में अधीक्षक सहित सात चिकित्सक नदारद रहे। मंत्री सुबह नौ बजे तक अस्पताल में बैठे रहे, पर कोई डॉक्टर नहीं आया। कर्मचारियों ने डॉक्टरों को फोन से सूचना दी तब वे अस्पताल पहुंचने लगे।
वन राज्यमंत्री ने सुबह 8:10 बजे सीएचसी का निरीक्षण किया तो अस्पताल में एकमात्र आयुष डॉक्टर प्रेमनाथ मौजूद थे। इसके अलावा अधीक्षक सहित सात चिकित्सक ड्यूटी से नदारद रहे। जबकि अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के आवास की व्यवस्था है।
हर समय इमरजेंसी संचालित होना चाहिए। ताकि दुर्घटना में घायल कोई आए तो फौरी तौर पर उसका इलाज हो सके। अस्पताल की नाइट ड्यूटी में न तो कोई डॉक्टर था और न ही स्टाफ नर्स।
हालांकि अस्पताल सुबह आठ बजे शुरू हो जाता है, लेकिन नौ बजे तक कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए। छापे में अधीक्षक डा. एके सिंह, वीपी सिंह, दीप्ती सिंह, अजय आनंद, अजय कुमार, बागेश मिश्र, स्टाफ नर्स गायत्री और सावित्री ड्यूटी से नदारद मिलीं।
इससे नाराज मंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार को सीएचसी पूराबाजार की वस्तुस्थिति बताते हुए व्यवस्था में सुधार के आदेश दिए। मंत्री ने मंडलायुक्त, डीएम, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को भी डॉक्टरों की अंधेरगर्दी के बारे में अवगत कराया।
इधर अपर निदेशक डा. आरके राय ने बताया कि सीएचसी में डॉक्टरों के नदारद रहने की सूचना मिली है। इसकी जांच होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।