अयोध्या। श्री उदासीन संगत ऋषि आश्रम रानोपाली में भ्रमणशील जमात (साधुवेश भगवान) का अभिनंदन समारोह 17 जून को होगा। उदासीन संप्रदाय के देशभर के करीब 50 संतों का जत्था 17 को अयोध्या पहुंचेगा और उदासीन परंपरा की प्रधानतम पीठ उदासीन आश्रम में चातुर्मास करेगा।
उदासीन आश्रम के महंत डॉ. भरत दास ने बताया कि आश्रम के तपस्वी संत संगतबख्श ने इस परंपरा का सूत्रपात किया था। उदासीन परंपरा के संत धर्मरक्षा के लिए भ्रमणशील रहते हैं। संतों का जत्था जब पूर्वांचल में प्रवेश करता है तो उस साल चातुर्मास उदासीन आश्रम में ही होता है। इससे पहले संतों की भ्रमणशील टोली ने 2007 में यहां चातुर्मास किया था। 17 जून को अयोध्या में प्रवेश करते ही मोहबरा बाईपास पर टोली का भव्य अभिनंदन किया जाएगा।
डॉ. भरत दास ने बताया कि इन चार महीनों में विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन तपस्वी संत बाबा कल्याण दास के पावन सानिध्य में होगा। इस कड़ी में 18 जून से 15 जुलाई तक श्रीशिव महापुराण मासिक प्रवचन स्वामी योगेश्वरानंद द्वारा किया जाएगा। 16 जुलाई से 16 अगस्त तक स्वामी जिज्ञासानंद द्वारा श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण का प्रवचन किया जाएगा। 17 अगस्त से 16 सितंबर तक स्वामी ज्योतिमर्यानंद महाराज श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रवचन करेंगे। संवाद