अयोध्या। रुदौली में विंद्रा स्कूल के पास मिले शव के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस की मानें तो 14 विस्वा जमीन हड़पने के लिए चाचा ने अपने भाई के दामाद के साथ मिलकर भतीजे की हत्या की थी।
पुलिस ने आरोपी चाचा व दामाद को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा घटनास्थल पर मिले आरोपी की चप्पल से हुआ। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा व टार्च बरामद कर लिया है।
एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली रुदौली के सहनी गांव निवासी किशन (35) पुत्र कन्हैयालाल का शव मंगलवार सुबह कोतवाली रुदौली के भिटौरा-लौटनबाग मार्ग पर विंद्रा स्कूल के पास सड़क किनारे पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी गोधरा की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया था।
जांच रुदौली कोतवाल विश्वनाथ यादव व उनकी टीम कर रही थी। पुलिस के अनुसार किशन मूल रूप से सहनी गांव का निवासी था, लेकिन किशन के पिता को कोतवाली रुदौली के टीकर गांव में पाही की जमीन जायदाद मिली थी।
इसकी वजह से वह टीकर गांव में रहता था। एसपी के अनुसार किशन के नाम गांव सहनी में लाखों की कीमत की करीब 15 बिस्वा जमीन थी, जिसकी देखभाल उसके चाचा सहजराम करते थे।
उसने कई बार जमीन खरीदने का भी प्रयास किया लेकिन किशन व उसके पिता ने मना कर दिया। किशन विवाहित था लेकिन उसके कोई औलाद नहीं थी।
पुलिस की मानें तो सहजराम ने सोचा कि यदि किशन की हत्या कर दी जाए तो ये जमीन उसकी हो सकती है। इसके बाद उसने अपने भाई के दामाद शिवमंगल के साथ मिलकर किशन की हत्या की साजिश रच डाली।
शिवमंगल ने सोमवार रात किशन को अपने गांव बुलाया और रात 12 बजे जब खाना खाकर किशन अपने घर टीकर जाने लगा तो रास्ते में सहजराम व शिवमंगल ने गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
शव को भिटौरा-लौटनबाग मार्ग पर विंद्रा स्कूल के पास फेंक कर भाग निकले। एसपी के अनुसार घटनास्थल पर सहजराम की चप्पल मिली थी। इसके बाद हत्या की गुत्थी सुलझ गई।
एसपी ने बताया कि सुबूत मिलने के बाद बुधवार सुबह दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात कुबूल ली। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा व टार्च बरामद कर लिया गया है।