राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में करोड़ों के घपले के छह साल पुराने मामले में फिर सोमवार को सीबीआई टीम ने संदिग्धों व आरोपियों के आवास व दफ्तरों पर छापे मारे। कई से उनकी प्रापर्टी, ज्वेलरी समेत कैश को लेकर पूछताछ। टीम ने सीएमओ दफ्तर को सील कर जांच की। अंगुरीबाग के एनएचएम दफ्तर में को भी खंगाला।
सीबीआई निरीक्षक के नेतृत्व में लगभग 10 लोगों की टीम ने दर्शननगर स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में छापेमारी की तो अफरातफरी मच गयी। सीबीआई एनएचएम के तहत 2010-11 में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच न्यायालय के आदेश पर कर रही है।
सीबीआई टीम सोमवार को फैजाबाद पहुंची। टीम ने सीएमओ कार्यालय में छापा मारकर घोटाले से संबंधित फाइलों को खंगाला। टीम पहले सीएचसी के कर्मियों व एनआरएचएम योजनाओं के लाभार्थियों से भी पूछताछ कर चुकी है। सोमवार को टीम ने सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की।
सीएमओ डॉ. प्रसन्न कुमार सिंह ने बताया कि दफ्तर को सील कर सीबीआई ने खंगाला। कोई दस्तावेज ले गई या नहीं, इसे नहीं बताया गया। एनएचएम दफ्तर में भी छानबीन व पूछताछ की गई। 2010-11 के दस्तावेजों को देखा।
जांच टीम के सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों से पूछताछ हुई है, उसमें अंगुरीबाग स्थित एनएचएम के जिला लेखा पर्यवेक्षक मनोज मिश्रा समेत सहायक सीएमओ सीबी द्विवेदी समेत बाबुओं में अजय सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आर पटेल, मोबलाईजर अमित कुमार आदि शामिल रहे।