संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार घटना 15/16 दिसंबर की रात 21:20 बजे के करीब हुई। एलटीटी मुंबई से तुलसी एक्सप्रेस फैजाबाद पहुंची थी। इसके इंजन नंबर नंबर 13389 समस्तीपुर को शंटकर लाइन नंबर तीन से पांच पर ले जाया जा रहा था।
पांच नंबर लाइन पर प्वाइंट नंबर 43 लॉक नं. 44 पर इंजन के दोनों ओर के तीन-तीन (कुल छह) पहिए उतर गए। इसे शंटमैन/चालक आलोक यादव व शंटमैन गिरजेश यादव ले जा रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि घटनास्थल का लॉक नंबर 44 चला ही नहीं था, पटरियों के बीच गैप अधिक था, जबकि केबिन में लॉक लगा हुआ मिला।
पटरी लॉक न होने की वजह इंटरलॉकिंग का शिथिल होना था। रिपोर्ट में लिखा गया है कि अगस्त 2009 से प्वाइंटों, लॉकों और पटरियों की ओवरहार्लिंग नहीं हुई। 2012 में ओवरहार्लिंग का ड्यू था तो भी यह काम पॉवर केबिन बनने व इंटरलॉकिंग के इंतजार में आज तक नहीं हुआ।
रिपोर्ट में सभी कमियों का उल्लेख है, इसके बावजूद संकेत की अनदेखी करने का दोषी ठहराते हुए केबिनमैन हरेराम को निलंबित किया गया है। लखनऊ के अधिकारी भी गुरुवार जांच कर वापस हो चुके हैं। अब केबिनमैन का बयान और इंजन की जांच होनी है।