अयोध्या। मिशन 2024 में यूपी की सभी 80 सीटें जीतने के लिए भाजपा ने चार-चार लोकसभा क्षेत्रों के कलस्टर प्रभारी बनाए हैं। उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को फैजाबाद लोकसभा का प्रभारी बनाया गया है। इसी सिलसिले में वे अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक व चिकित्सकीय परिसर का भ्रमण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तीन सालों में यूपी इस देश को सबसे अधिक एमबीबीएस डॉक्टर देने वाला राज्य बन जाएगा।
सांसद लल्लू सिंह व भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना के साथ मेडिकल कॉलेज गंजा पहुंचे मंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया। अयोध्या से मेडिकल टीम को उत्तराखंड आने का न्यौता भी दिया। कहा कि एमबीबीएस करने वाले सभी बच्चे पांच-पांच परिवार गोद ले लें तो समाज स्वस्थ हो जाएगा। बताया कि उत्तराखंड में व्यापक देहदान अभियान चलाकर हर मेडिकल कॉलेज को प्रैक्टिकल के लिए दो बाडी उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने दर्शननगर मेडिकल काॅलेज की चिकित्सीय सुविधाओं व रायबरेली रोड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, दिवाकर सिंह, राजेश सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य सत्यजीत वर्मा आदि भी थे।
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अस्पताल का नाम तो राजा दशरथ, काम मंथरा का
अयोध्या। दर्शननगर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में मंत्री धन सिंह रावत ने वार्डों से लेकर आईसीयू, ब्लड बैंक और ब्रांकोस्कोपी लैब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से हालचाल लिया। इसी दौरान रामपुर भगन के मोहम्मदपुर गांव से बेटी का इलाज कराने आए राम सतन ने अस्पताल के प्रबंधन की पोल खोल दी। कहा कि रक्षा कीजिए श्रीमान जी। मैं अपनी बेटी को यहां दिखाने लाया हूं। यहां दौड़ाया जा रहा है। पहले पर्चा बनवाया, फिर पर्चा दूसरे काउंटर पर जमा करवाया। अब कहते हैं कि कमरा नंबर सात में जाकर मुहर लगवाओ। इतनी देर में मरीज का क्या हाल है, कोई देखने वाला ही नहीं है। सुबह से लाइन लगाकर थक चुका हूं। सुबह आठ बजे से दौड़ रहा हूं। अस्पताल का नाम तो राजा दशरथ का है, लेकिन काम मंथरा का है। यह कहते-कहते उसकी आंख में आंसू आ गए। डॉक्टरों ने यह देखा तो इलाज का आश्वासन देकर उसे वहां से लेकर चले गए। संवाद
मंत्री की आंखों से नहीं छिपी होगी मरीजों की तकलीफ
उत्तराखंड के मंत्री धन सिंह रावत जब मेडिकल कॉलेज के अस्पताल पहुंचे होंगे तो जाहिर है कि उन्हें मरीजों की तकलीफें जरूर नजर आई होंगी। अस्पताल भवन के बाहर कबाड़ जैसी स्थिति से आगे बढ़ते ही सूखा हैंडपंप नजर आता है। भीतर घुसते ही जन औषधि केंद्र के सामने लगी लंबी कतार में खराब पंखों के नीचे मरीज और तीमारदार पसीना पोछते जरूर दिखे होंगे। इसके अलावा पूरे अस्पताल में पीने की पानी की जद्दोजहद भी उनकी आंखों से होकर गुजरी होगी। पूरा बाजार के मडना की अमरपती कहती हैं कि गर्मी काफी है, मेडिकल कॉलेज में पानी के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के बाहर से ही तीन बोतल में पानी भर के ले आई हूं। ताकि बार-बार न जाना पड़े। जन औषधि केंद्र के सामने खड़ी रिकाबगंज निवासी राजेश कहते हैं कि इतनी गर्मी में कम से कम पंखा तो चलना ही चाहिए।