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लॉकडाउन में घटता जा रहा ब्लड बैंक का स्टॉक

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अयोध्या। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के बाद किए गए लॉकडाउन का असर अब ब्लड बैंक पर भी नजर आ रहा है। जिला अस्पताल में स्थित छह सौ यूनिट क्षमता के ब्लड बैंक में सिर्फ 199 यूनिट ब्लड ही बचा है। जबकि बी, ओ और एबी निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक शून्य हो गया है। हालांकि, लॉकडाउन की वजह से सामान्य आपरेशन व दुर्घटनात्मक मामलों में कमी आने से इसकी खपत भी कम हुई है, लेकिन यदि लॉकडाउन में इजाफा हुआ तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
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जिले की करीब 27 लाख की आबादी के इलाज के लिए सिर्फ जिला अस्पताल में एकमात्र ब्लड बैंक स्थापित है। यूं तो इसकी क्षमता छह सौ यूनिट की है, लेकिन सामान्य दिनों में अधिक खपत होने के कारण आधा भंडारण ही हो पाता है। यहीं से जिले के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में भी जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराया जाता है। सामान्य दिनों में प्रतिमाह औसतन चार शिविर लगाए जाते थे।
इसके अलावा प्रतिमाह करीब 15-20 लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते थे। इसलिए खपत के अनुरूप उपलब्धता बरकरार रहती थी। इधर, लॉकडाउन होने के बाद स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लोग पहुंच नहीं पा रहे व सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से शिविरों का आयोजन नहीं हो रहा है। इसकी वजह से ब्लड बैंक का स्टॉक लगातार घटता जा रहा है।
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ब्लड बैंक के वरिष्ठ लैब टेक्रीशियन एसएम त्रिपाठी ने बताया कि लॉकडाउन से पूर्व 305 यूनिट का स्टॉक था, जो बुधवार को घटकर 199 यूनिट पहुंच गया है। मौजूदा समय में बी निगेटिव, ओ निगेटिव व एबी निगेटिव ब्लड ग्रुप का स्टॉक शून्य हो गया है। साथ ही ए पॉजिटिव व एबी पॉजिटिव का स्टॉक भी कुछ कम हो गया है। बी व ओ पॉजिटिव ग्रुप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
बताया कि वैसे इन दिनों खपत भी घट गई है। अधिकांश रक्त प्रसव के लिए ले जाया जा रहा है। इस वजह से अभी दिक्कत नहीं हो रही है। लेकिन यदि लॉकडाउन बढ़ाया गया और रक्तदाताओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
कराई जाए ई-पास की व्यवस्था
सर्वाधिक रक्तदान के लिए कई बार पुरस्कृत हो चुके डॉ. आशीष पांडेय दीपू ने कहा कि बहुत से लोगों के रक्तदान का शेड्यूल पूरा हो गया है और वे रक्तदान करना चाहते हैं। लेकिन लॉकडाउन की वजह से वे शहर तक आ नहीं पा रहे हैं। इसलिए ब्लड बैंक को जिला प्रशासन से वार्ता करके ईपास की व्यवस्था करना चाहिए ताकि ब्लड बैंक का स्टॉक मेनटेन रहे। पूरा बाजार निवासी रक्तदाता आकाश गुप्ता का कहना है कि केजीएमयू व पीजीआई में ब्लड बैंक की ओर से ही ईपास जारी किया जा रहा है। वही व्यवस्था यहां भी हो जाय तो हम लोगों के लिए भी सहूलियत होगी और जरूरतमंद की मदद करने में भी आसानी होगी।
उच्चाधिकारियों को लिखेंगे पत्र
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि अभी तक काम चलाने भर को रक्त उपलब्ध है। लेकिन भविष्य में दिक्कत न हो, इसके लिए ई-पास की व्यवस्था कराई जाएगी। शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगा जाएगा।
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