अयोध्या। भाजपा संगठनात्मक चुनाव में जिलाध्यक्ष पद को लेकर पार्टी कार्यालय पर व महानगर अध्यक्ष का चुनाव की प्रक्रिया अयोध्या स्थित कनक महल में संपन्न हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष पद के लिए छह व महानगर अध्यक्ष पद पर 12 प्रत्याशियों ने नामांकन किया।
नामांकन के दौरान दोनों चुनाव स्थल पर नेताओं व समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही। दोनों जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, पार्टी कार्यालय पर बैरीकेडिंग की गई थी। ध्यान रहे कि जिलाध्यक्ष पद पर 40 व महानगर अध्यक्ष पद पर मात्र आठ मतदाता हैं।
भाजपा मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ने बताया कि महानगर अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वालों में वर्तमान महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अभिषेक मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, मनमोहन जायसवाल, शैलेंदर कोरी, परमानंद मिश्रा, दिनेश मिश्रा, कमलाकांत सुंदरम, रणधीर सिंह डब्लू, प्रमोद मौर्या, स्मृता तिवारी, अरविंद सिंह शामिल रहे।
वहीं जिलाध्यक्ष पद पर नामांकन करने वालों में वर्तमान जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, कृष्ण कुमार पांडेय खुन्नू, मगन लाल वर्मा, राधेश्याम त्यागी, संजीव सिंह, इं. रणवीर सिंह शामिल रहे। प्रांतीय परिषद सदस्य में अयोध्या विधानसभा से शैलेंद्र मोहन मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, जिले में बीकापुर से इंद्रभान सिंह, मिल्कीपुर से चन्द्रबली सिंह, गोसाईगंज से कमलाशंकर पांडेय, रुदौली से अशोक कसौधन व धर्मेंद्र सिंह शामिल रहे।
महानगर में नामांकन के दौरान अयोध्या स्थित कनक महल में महंत मनमोहन दास, डा. बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, डा. चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, रमेश दास, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा मुन्ना सिंह, शैलेन्द्र मोहन मिश्रा छोटे, दिवाकर सिंह, अनुज दास, गिरीश पांडेय डिप्पुल, रीना द्विवेदी, शकुंतला गौतम, राजेश सिंह, टीपू सिंह, आकाश मणि त्रिपाठी मौजूद रहे।
पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष के नामांकन के दौरान मवई ब्लाक प्रमुख राजीव तिवारी, पूर्व प्रमुख इंद्रभान सिंह, रमेश सिंह, पूर्व चेयरमैन अशोक कसौधन, ब्रहमानंद शुक्ला, अभय सिंह, चन्द्रबली सिंह, शेखर जायसवाल, गोरकन द्विवेदी, अखण्ड प्रताप सिंह डिप्पल, अशोक मिश्रा, विकास सिंह, दिव्य प्रकाश तिवारी, अमर बहादुर सिंह, राजेश सिंह, आकाश मणि त्रिपाठी मौजूद रहे।
अयोध्या। भाजपा जिला व महानगर अध्यक्ष के चुनाव में सत्ताधारी नेताओं व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपने रसूख का प्रयोग किया। अपने-अपने समर्थकों को इन पद पर काबिज कराने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा मंडल अध्यक्ष व जिला प्रतिनिधियों को प्रस्तावक न बनने का दबाव तो डाला ही गया तो वहीं सत्ता का प्रयोग कर कुछ पर अनैतिक दबाव भी डाला गया।
सूत्रों के अनुसार जिलाध्यक्ष पद पर हुए कुल 6 नामांकन में से 4 नामांकन बिना प्रस्तावक के हुए है, तो वहीं महानगर अध्यक्ष के लिए किए 12 नामांकन में मात्र तीन को ही प्रस्तावक नसीब हो सके। फिलहाल अब गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में है, इन दोनों पदों पर 30 नवंबर तक परिणाम आने की संभावना है।
भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव पार्टी के जिला कार्यालय व महानगर अध्यक्ष का चुनाव अयोध्या के कनक महल में हुआ। इसको लेकर सुबह से दोनों स्थानों पर पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की गहमा गहमी बनी रही। वहीं, इस चुनाव में अपने-अपने समर्थकों को पद पर काबिज कराने के लिए रसूखदार नेता व जनप्रनिधियों ने जमकर सत्ता व अपने रसूख का प्रदर्शन भी किया।
दोनों पदों पर निर्विरोध चयन न होने के कारण मंडल अध्यक्ष व जिला प्रतिनिधियों को किसी अन्य का प्रस्तावक बनने से भी रोका गया तो वहीं एक प्रत्याशी को सत्ता के हनक से भी डराया धमकाया भी गया। वहीं, इसकी शिकायत लखनऊ होने पर चुनाव प्रभारियों द्वारा सभी प्रत्याशियों का नामांकन पत्र ले लिया गया।
सूत्रों के अनुसार दोनों पदों पर दाखिल किए गए नामांकन में अधिकांश प्रत्याशियों ने बिना प्रस्तावक के ही नामांकन दाखिल किया है। इनमें से जिलाध्यक्ष पद पर दो व महानगर अध्यक्ष पद पर तीन नामांकन में प्रस्तावक होने की सूचना है। फिलहाल चुनाव प्रभारी दोनों पदों पर हुए नामांकन पत्र को लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं, अब प्रदेश कार्यालय से ही दोनों पदों पर सामंजस्य बैठाने का प्रयास किया जाएगा।
अयोध्या में हुए महानगर अध्यक्ष के चुनाव के नामांकन के दौरान महानगर के एक पदाधिकारी व एक जनप्रतिनिधि के पुत्र के बीच जमकर नोकझोंक हुई। वहीं एक जनप्रतिनिधि के करीबी प्रत्याशी ने प्रस्तावक एक मंडल अध्यक्ष व प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने से रोके जाने पर जमकर वाद विवाद हुआ। इस दौरान मौजूद पुलिस बल व चुनाव अधिकारियों द्वारा बीचबचाव किया गया।
चुनाव प्रभारियों के अनुसार निर्विरोध चुनाव न हो पाने की दशा में अब इसका फैसला प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ दिया गया। महानगर चुनाव की सह प्रभारी सरोज कुमारी ने बताया कि बिना प्रस्तावक के हुए नामांकन को वैध नहीं माना जाएगा। बाकी इस पर प्रदेश नेतृत्व का निर्णय ही मान्य होगा।
बताया कि 30 नवंबर तक दोनों पदों पर नाम तय कर दिए जाएंगे। जिला चुनाव अधिकारी डा. राकेश त्रिपाठी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया सकुशल संपन्न हो गई है। नामांकन करने वालों प्रत्याशियों की सूची व सभी मंडल अध्यक्ष, जिला प्रतिनिधियों, सांसद, विधायक की राय की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंप दी गई है।