भाजपा के मिल्कीपुर मंडलीय अध्यक्ष राम सजीवन मिश्र को मारने-पीटने व उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त करने के मामले में कोर्ट ने रुदौली से भाजपा विधायक रामचंदर यादव को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीनाथ यादव की अदालत से हुआ। मामला इनायतनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
अधिवक्ता दिनेश तिवारी ने बताया कि वाकया 24 अप्रैल 2001 का है। शेरपुर पारा उछाहपाली निवासी भगवान प्रसाद तिवारी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि दोपहर 2 बजे तहसील दिवस का कार्यक्रम खत्म हुआ तो विधायक रामचंदर अपने 17-18 समर्थकों संग आए और भाजपा के मिल्कीपुर के मंडल अध्यक्ष रामसजीवन मिश्र को पीटने लगे।
समर्थकों में कई लोगों के पास असलहे भी थे। पिटाई के बाद रामसजीवन को किसी अज्ञात स्थान पर ले गए और उनकी जीप तोड़ डाली। मामले में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया। गवाही के दौरान सचिवालय की विभा चोपड़ा और विधायक के सुरक्षा कर्मियों को बचाव पक्ष नेे बतौर गवाह पेश किया।
इन गवाहों ने बताया कि घटना वाले दिन रामचंदर विधानसभा की कार्यवाही में भाग लिए थे। इसी का लाभ विधायक को मिला और अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।