जयपुरिया स्कूल में गीत गाती लोक गायिका मालिनी अवस्थी।
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सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में गुरुवार की शाम लोकगीतों की धार बही। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने नवरात्रि की पूर्व संध्या पर देवी को समर्पित ‘पचरा गीत’ सुना मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सुरीली आवाज में कई गीतों को सुनाया। देशज संस्कृति के मिठास को वह महसूस कराती रहीं।
सेठ जयपुरिया स्कूल सआदतगंज में ‘गूंज’ की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। वन राज्यमंत्री तेजनारायन पांडेय पवन, सूचना आयुक्त स्वदेश कुमार, कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल कमिश्नर एसपी मिश्र और डीआईजी वीके गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया।
इसके बाद उद्बोधन में भावुक हो पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि पद्मश्री पाने के बाद मंच पर मेरा पहला कार्यक्रम है। यह माई की कृपा है कि नवरात्रि पर भी यह मेरा पहला कार्यक्रम है। उन्होंने नवरात्रि का गीत तो सुनाया ही, अयोध्या और राम के ऊपर भी उन्होंने अपनी कलात्मक मधुरता का परिचय दिया।
नीम का पेड़ से देवी का गहरा रिश्ता है। ‘निमियां के डार भैया डार दीनी झुलवां, भइया झूली-झूली ना... , मइया खोल न केवड़वा, बड़ी देर से खड़ी... आदि गीतों को सुनाया तो नवरात्रि के पूर्व ही मौजूद श्रोता देवी के भाव में बह गए।
अयोध्या के पास थी तो आखिर राम कैसे याद न आते। उन्होंने रामनवमी के मद्देनजर यूं गीत फरमाया- राम जी के भइलै जनमवा, चला करि आई दर्शनवा...। गूंज कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन से जुड़े वेदप्रकाश गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता सहित शहर के कलाकार, बुद्धिजीवी, शिक्षक आदि मौजूद रहे।