मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की भावनाओं के अनुरूप बुधवार को राम मंदिर के साथ विकास का रथ भी खूब हांका। उन्होंने अयोध्या के समेकित पर्यटन विकास की योजनाएं गिनाई।
कहा, शीघ्र ही योजना के तहत साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से खर्च किए जाएंगे। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को है। उन्होंने ऐलान किया कि घाघरा का नाम सरयू करने का प्रयास होगा। जिन घाटों से सरयू दूर हुई है, वहां तक लाने का काम होगा।
अमर उजाला ने 30 मई को अयोध्या के समेकित पर्यटन विकास योजना का खुलासा किया था। इसे यहां मुख्यमंत्री की ओर से ऐलान की संभावना जताई थी। ठीक ऐसा ही हुआ। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास के जन्मोत्सव कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद बोलते हुए इसकी फाइल दिखाई, फिर ऐलान करना शुरू किया।
हा कि अयोध्या की हमेशा उपेक्षा होती रही है। विकास कार्य या तो अधूरे पड़े हैं या शुरू ही नहीं हुए। अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र की मोदी सरकार ने स्वदेश दर्शन और प्रसाद स्कीम के तहत अयोध्या का कायाकल्प करने के लिए चयन किया है।
योगी ने कहा कि हमने रामजानकी मार्ग का प्रस्ताव भेजा है, सीतामढ़ी तक केंद्र के सहयोग से दो लेन पक्का मार्ग बनेगा। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां एक ऐसी सरकार थी, जिसने 84 कोसी परिक्रमा रोक दी। हम 84 कोसी, 14 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा को और सुविधाजनक और सम्मान देंगे।
योगी ने अयोध्या के समेकित पर्यटन विकास की योजना की चर्चा करते हुए कहा कि साढ़े तीन सौ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। अयोध्या पर्यटकों के सुविधाजनक आवागमन समेत मुख्य मार्गों के चहुंमुखी विकास और रहन-सहन, सरयू घाट, पैड़ी और समूची अयोध्या का कायाकल्प होगा।
योजना में अयोध्या की 124 गलियों को सीसी किया जाना भी शामिल है। सरयू घाटों के सुंदरीकरण, नए निर्माण से लेकर लाइटिंग, चेंज रूम, प्रसाधन आदि के काम होंगे। अयोध्या को एक रंग में रगने के लिए राम की पैड़ी समेत मुख्य मार्ग की सड़कों के दोनों तरफ के भवनों का सौंदर्यीकरण होगा।
पुराना बस स्टैंड पर मल्टीस्टोरी पार्किंग बनेगी तो समूची अयोध्या में सोलर लाइट, वेंच व सुलभ प्रसाधन होगा। रामकथा पार्क परिसर/ अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय में डिजिटल रामायण गैलरी, होलोग्राफिक रामलीला, होलेस्टिक डवलपमेंट होना है। सरयू में गंदे नाले डायवर्जन कर एसटीपी के बाद खेतों में जाएंगे।