अयोध्या आकर गौरव की अनुभूति तो हो रही है, मगर राममंदिर की कमी भी खल रही है। राममंदिर के बिना अयोध्या अधूरी लगती है। रामलला को टेंट में देखकर मन द्रवित हो उठा है। यह बातें रामनगरी अयोध्या पहुंचे विश्व के 22 देशों के 150 प्रवासी भारतीयों ने बृहस्पतिवार को विवादित परिसर स्थिति रामलला का दर्शन करने के बाद एक स्वर में कही। संकल्प लिया कि राममंदिर निर्माण में हर संभव सहयोग करेंगे। अयोध्या में शीघ्र भव्य राममंदिर का निर्माण होना चाहिए।
विहिप के विदेश विभाग के संयोजन में अयोध्या पहुंचे प्रवासी भारतीयों ने सरयू स्नान कर हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलल के दरबार में हाजिरी लगाई। श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से भी आशीर्वाद लिया। दल ने रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला पहुंचकर पत्थर तराशी का कार्य देखा और राममंदिर निर्माण की तैयारियों की स्थिति की जानकारी ली। इसके पहले बुधवार रात अयोध्या पहुंचने पर कारसेवकपुरम में सभी प्रवासी भारतीयों का स्वागत किया गया।
दल की अगुवाई कर रहे विहिप के केंद्रीय सहमंत्री आनंद प्रकाश गोयल ने बताया कि अयोध्या में जल्द से जल्द राममंदिर बने यह सिर्फ हिंदू समाज की ही अच्छा नहीं बल्कि देश के कोने-कोने में बसे भारतीयों की भी इच्छा है। बताया कि दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की है।
विहिप के विदेश विभाग के संपर्क प्रमुख सोहन गोयनका ने बताया कि अयोध्या पहुंचे दल में हांगकांग, अमेरिका, सीरिया, मलेशिया, चीन, नेपाल, भूटान, इजराइल, इटली, बेल्जियम, दक्षिण अफ्रीका, पोकलेंड समेत करीब 22 देशों के प्रवासी भारतीय आए हैं। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि प्रवासी भारतीयों ने कारसेवकपुरम में वृहद धर्मशाला बनवाने की घोषणा की है।
यात्रा का संयोजन करने वाले प्रमुख लोगों में विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, प्रांत संगठन मंत्री भोलेंद्र जी, विहिप के महामंत्री मिलिंद जी, राजकुमार सबनानी पोलैंड, सुरेश जी सिंगापुर, किशोर संभवानी दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य शामिल रहे। अमेरिका से आए केसी परवाल ने कहा कि अयोध्या आकर असीम आनंद की अनुभूति हो रही है।
बोले कि अयोध्या में अस्थाई राममंदिर तो बना ही है, बस उसे भव्यता देने ही बाकी है। इसके लिए हम प्रवासी भारतीय पूरा सहयोग करेंगे। अमेरिका में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय राम संस्कृति के कायल हैं। टोरंटों निवासी अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के चेयरमैन रमेश लोहिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व को प्रभावित करती है।
वह दिन दूर नहीं अब शीघ्र ही हनुमान जी की कृपा से राममंदिर का भव्य मंदिर निर्माण होगा। कहा कि अयोध्या आकर आध्यात्मिक ऊर्जा मिली है। सीरिया से आए आरके शर्मा ने बताया कि हमारे देश में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय राम के उपासक हैं। अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण अब जरूरत बन गई है। कहा कि अयोध्या आकर रामलला का दर्शन कर अपना जीवन धन्य महसूस कर रहा हूं।
हांगकांग के निवासी सुरेश अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि फैसला हमारे ही पक्ष में आएगा। कहा कि हांगकांग में बड़ी संख्या में प्रवासी राममंदिर निर्माण को लेकर आस्थावान हैं। हम सभी राममंदिर निर्माण में पूरा सहयोग करेंगे।
बैंकाक से आयीं सरिता सर्राफ ने कहा कि हम प्रवासी भारतीयों के मन में राममंदिर निर्माण की प्रबल इच्छा है। रामलला को टेंट में देखकर मन द्रवित हो उठा है। अब प्रभु को शीघ्र ही टेंट से आजाद होना चाहिए। रामलला का दर्शन कर हमारा जीवन धन्य हो गया है।