अयोध्या। संस्कृति विभाग प्रदेश सरकार की इकाई अयोध्या शोध संस्थान के रिमॉडलिंग का काम जोरों पर चल रहा है। संस्थान 18 करोड़ से हाईटेक हो रहा है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल व भव्य संग्रहालय भी बनाया जा रहा है।
जिसमें विभिन्न देशों की शिल्प व रामायण सामग्री का संग्रह होगा। दिसंबर माह तक संस्थान के रिमॉडलिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य है।
पहले चरण में जहां संस्थान के भवन की रिमॉडलिंग की जा रही है।
दूसरे चरण में संग्रहालय, ऑटोडोरियम सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। संस्थान के नवीन संग्रहालय में न सिर्फ देश-विदेश के रामायण का संग्रह होगा बल्कि विभिन्न देशों की शिल्प व रामायण सामग्री भी संग्रहालय केे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करती नजर आएगी।
संस्थान को वाईफाई सुविधा से लैस किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था हो रही है कि एक क्लिक पर घर बैठे ही भक्त ऑनलाइन रामलीला का मंचन देख सकेंगे।
नए संस्थान में एक प्रदर्शनी कक्ष भी बनेगा। जिसमें विभिन्न देशों की रामायण से संबंधित पेंटिंग, भारत के विभिन्न प्रांतों की लोक कलाओं का प्रदर्शन आदि किया जाएगा।
अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रामतीरथ ने बताया कि कोरोना के कारण संस्थान की रिमॉडलिंग के काम में विलंब हुआ है, फिर भी 70 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
दिसंबर माह तक संस्थान नए स्वरूप में एक बार फिर अपनी गतिविधियों का संचालन प्रारंभ कर देगा, इसकी पूरी उम्मीद है। शोध संस्थान में 2004 से ही संचालित नित्य रामलीला भी बाधित है। स्वयं में कीर्तिमान रचने वाली नित्य रामलीला 2014 और 2015 में भी बाधित हुई थी।
योगी सरकार के प्रयास से 2017 में रामलीला का क्रम आगे बढ़ा। भवन नवीनीकरण की प्रक्रिया के चलते यह फिरबाधित हो गई। संस्थान ने ओपन रामलीला मंचन का प्रयास किया था, लेकिन शासन से अनुमति नहीं मिली ऐसे में नित्य रामलीला के शुरू होने का सभी को इंतजार है।