राममंदिर के भूतल का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अगले महीने से भूतल की छत डालने का काम भी शुरू होने जा रहा है। वहीं राममंदिर के साथ-साथ रामजन्मभूमि परिसर में रिटेनिंग वॉल, परकोटा और यात्री सुविधा केंद्र के निर्माण का भी काम चल रहा है। परकोटे को लेकर नई जानकारी सामने आई है। राममंदिर का परकोटा 60 फीट ऊंचा होगा।
राममंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए कई खास तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से राममंदिर की नींव भूकंप रोधी होने का दावा किया जाता है। वहीं 12 मीटर रिटेनिंग वॉल का निर्माण नदी के आक्रमण से मंदिर को बचाएगा।
इसी क्रम में मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिहाज से 60 फीट ऊंचा परकोट बनाया जा रहा है। परकोटे के लिए अभी नींव खोदाई का काम चल रहा है। परकोटा 14 फीट चौड़ा होगा। इसमें देवी-देवताओं के छह मंदिर भी बनाए जाने हैं। ट्रस्ट ने इनके स्थान नियत कर दिए हैं।
परकोटे में भारतीय संस्कृति, धार्मिकता को दर्शाती तरह-तरह की नक्काशी भी की जाएगी, जो परिसर की भव्यता बढ़ाएगी। परकोटे की थीम ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के पुत्र साहित्यकार यतींद्र मिश्र तैयार कर रहे हैं।
भूतल में अब तक लग गए 50 बीम
राममंदिर के भूतल के सभी 166 स्तंभ खड़े कर दिए गए हैं। कुल 429 बीम लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 50 बीम लगाए जा चुके हैं। गर्भगृह के आगे बीम लगाने का काम शुरू हो चुका है। वहीं राममंदिर की सभी 32 सीढि़यां भी बन चुकी हैं। राममंदिर के स्तंभों पर धार्मिक चित्रों को उकेरने का काम भी तेजी से चल रहा है।