अयोध्या। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या 34 हजार करोड़ की योजनाओं से सज-संवर रही है। प्राचीनता को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं से अयोध्या को सुसज्जित किया जा रहा है। अयोध्या की सीमा पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामजन्मभूमि का अहसास होने लगेगा। रामनगरी के छह प्रवेश मार्गों पर छह प्रवेशद्वार बनाए जाने हैं। इनके आसपास के इलाके को रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इनमें से तीन प्रवेशद्वार के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। जमीन खरीदने के लिए 67 करोड़ मिल चुके हैं।
रामनगरी के ये प्रवेश द्वार प्रबिसि नगर कीजै सब काजा... का संदेश देते दिखाई देंगे। इन प्रवेश द्वारों को रामायण के पात्रों के नाम पर व रामायण की थीम पर विकसित किया जाएगा। प्रवेश द्वारों के निर्माण में इस बात का ध्यान रखा दिया जाएगा कि इसमें अवध की वास्तुशैली की झलक दिखे। रामनगरी में जिन प्रवेश द्वारों का निर्माण होना है, उनमें लखनऊ मार्ग पर श्रीरामद्वार, गोरखपुर मार्ग पर हनुमान द्वार, गोंडा मार्ग पर लक्ष्मण द्वार, प्रयागराज मार्ग पर भरत द्वार, अंबेडकरनगर मार्ग पर जटायु द्वार व रायबरेली मार्ग पर गरुण द्वार का निर्माण किया जाना है। इन मार्गाें का चौड़ीकरण होगा, साथ ही इन द्वारों के आसपास यात्री सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
इन प्रवेश द्वारों के आसपास रोजगार केंद्र विकसित करने की तैयारी है। हर द्वार के पास पार्किंग से लेकर जन सुविधाओं का इंतजाम होगा। होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला, चार्जिंग प्वाइंट, ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगा। जहां प्रवेश द्वार बनाए जाने हैं, ज्यादातर इलाके ग्रामीण क्षेत्र के हैं, ऐसे में इन इलाकों का भी विकास होगा।
हर प्रवेशद्वार के लिए पांच एकड़ जमीन
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि सभी प्रवेश द्वार के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। अब तक लखनऊ मार्ग पर हाईवे पर फिरोजपुर गांव में प्रवेश द्वार, रायबरेली-अयोध्या मार्ग में सरियावां गांव में बनने वाले प्रवेश द्वार व अकबरपुर अयोध्या मार्ग में राजेपुर के पास बनने वाले प्रवेश द्वार में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा किया जा चुका है। इनका एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। शेष तीन अन्य द्वारों के लिए अभी तक 25 फीसदी जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। जमीन अधिग्रहण का काम पूरा होते ही प्रवेश द्वार को आकार देने का काम शुरू हो जाएगा, पूरी योजना पर 140 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
प्रवेश द्वार की खासियत
- रामायणकालीन परिकल्पना पर बनेंगे छह प्रवेश द्वार
- अवध की वास्तुशैली की दिखेगी झलक
- जमीन खरीद के लिए 67 करोड़ का बजट
- जन सुविधाएं विकसित करने के लिए 73 करोड़
- अब तक तीन मार्गाें के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा
- तीन अन्य प्रवेश द्वारों के लिए 25 फीसदी जमीन अधिग्रहीत
- एनएचएआई ने बनाया है प्रवेश द्वारों का डिजाइन
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आएंगे केदारनाथ, विश्वनाथ, बद्रीनाथ के प्रतिनिधि
अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। राममंदिर का उद्घाटन जनवरी में होना है। उद्घाटन समारोह में कला, साहित्य जगत की हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। राजनीतिज्ञों को भी आमंत्रित करने की योजना बन रही है। समारोह में केदारनाथ, ब्रदीनाथ, बाबा विश्वनाथ, वैष्णोदेवी मंदिर के भी प्रतिनिधि शामिल होंगे। समारोह में करीब सात हजार अतिथियों को आमंत्रित करने की तैयारी हो रही है। सभी को निमंत्रण भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि देश के प्रमुख मंदिरों के पुजारी आएं या नहीं आएं, मुख्य मंदिरों का कोई न कोई प्रतिनिधि आएगा। वैष्णो देवी, बाबा विश्वनाथ, बद्रीनाथ और केदारनाथ सबका कोई न कोई प्रतिनिधि आएगा। अभी इनके नामों का भी संग्रहण किया जा रहा है। बताया कि समारोह में राजनीतिज्ञों को भी बुलाने को लेकर विचार-विमर्श हो रहा है, क्योंकि हर दल में रामभक्त हैं, उनकी भी श्रद्धा राम जी से है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। उन्होंने बताया कि समारोह में मंदिर आंदोलन में जान गंवाने वाले कारसेवकाें के परिवारीजनों को भी आमंत्रित करने का विचार चल रहा है। उनमें से कितने राज्यों के लोगों को विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता जानते और पहचानते हैं। उनमें से कितने परिवारों के लोग आ सकते हैं, उनको बुलाया जाएगा।