फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पौराणिक गरिमा के अनुरूप हो रामनगरी का विकास

विज्ञापन
अ योध्या-विकासप्राधिकरण में संत-महंत व अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते उपाध्यक् - फोटो : FAIZABAD
विज्ञापन
अयोध्या। रामनगरी के विकास को लेकर तैयार हो रहे विजन डॉक्यूमेंट को लेकर गुरुवार को विकास प्राधिकरण में हुई बैठक में विकास प्राधिकरण की कंसल्टेंट एजेंसी ने रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से भी राय ली। उनको अयोध्या के विजन डॉक्यूमेंट से अवगत कराकर सुझाव मांगें। जिस पर रामनगरी के संतों ने एक स्वर में कहा कि अयोध्या का विकास उसकी पौराणिक गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। कहा कि विकास का खाका इस तरह तैयार किया जाए ताकि लोग इससे प्रभावित न हों।
विज्ञापन

बैठक में शामिल उदासीन ऋषि आश्रम के महंत डॉ. भरत दास ने सुझाव दिया कि विकास के लिए आन जनमानस व साधुसंतों से विचार विमर्श किया जाए। जनता को योजनाओं की जानकारी दी जाए ताकि उनके मन से भ्रम दूर हों और वे विकास में सहभागी बन सकें। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने वर्तमान अयोध्या को त्रेतायुगीन अयोध्या के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। संत रामभूषण दास कृपालु ने सुझाव दिया कि योजनाओं का जो खाका है उसे सार्वजनिक कर दिया गया। राममंदिर बनने के बाद लाखों की भीड़ प्रतिदिन आएगी, ऐसे में भीड़ को देखते हुए प्लान तैयार किया जाए। यात्रियों, भक्तों के लिए बेहतर जनसुविधाएं विकसित करने की जरूरत है।
श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि रामनगरी के जलभराव की समस्या विकराल है। इसलिए सीवेज समस्या निस्तारण के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अयोध्या में एक व्यवस्थित शमशान घाट बनाने व झुनकीघाट पर प्रस्तावित डैम को नए पुल की ओर बनाने का सुझाव दिया।
विज्ञापन

महंत मिथिलेश नंदनी शरण ने सुझाव दिया कि टाउनशिप और अयोध्या तीर्थ का विकास दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं। टाउनशिप का संबंध भौतिक संसाधनों से हैं जबकि तीर्थ विकास के लिए इतिहास, पुराण की जो अवधारणाएं हैं उनको सुरक्षित करने पर विचार करना होगा। गुप्तारघाट पर मछली पकड़ने पर रोक लगाने की भी मांग उन्होंने की है। बैठक में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह, सचिव सत्यप्रकाश सिंह, वित्त अधिकारी आरपी सिंह सहित कंसल्टेंट एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें