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सूर्य की ऊर्जा से रात में भी रोशन रहेगी राजा राम की नगरी

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अयोध्या। सूर्यवंशी राजा राम की नगरी अब सूर्य की ऊर्जा से रात में भी रोशन रहेगी। श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या को सोलर सिटी बनाने पर काम शुरू हो गया है। योजना के तहत राम नगरी के घर केे उपकरण हों या सरकारी कार्यालयों के पंखे, कूलर और कंप्यूटर सभी सूर्य की ऊर्जा से चलेंगे। इससे विश्व पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रही अयोध्या प्रदूषण से मुक्त रहेगी। साथ ही लोगों को बिजली पर आने वाले खर्च से थोड़ी राहत मिलने की भी उम्मीद है।
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अयोध्या को विश्व पर्यटन केंद्र बनाए जाने की तैयारी ाहै। राममंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। इससे इसकी आध्यात्मिक आभा बढ़ रही है। अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे प्रदूषण के साथ बिजली के खर्च में बढ़ोतरी होगी। राम नगरी में प्रदूषण का स्तर ने बढ़ने देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर यूपी नेडा ने प्रोजेक्ट तैयार करके प्रदेश शासन को भेजा गया था। बडे़ स्तर पर इसे स्थापित करने के लिए यहां सोलर सिटी बनाने का प्रस्ताव भी है।
बताया गया है कि केंद्र सरकार की सौर पैनल के जरिए सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ग्रिड से जुड़ी रूप टाफ सौर योजना की योजना है। इसके तहत पहले तीन किलोवाट के 40 फीसदी सब्सिडी और तीन किलोवाट से अधिक और 10 किलोवाट तक के लिए 20 फीसदी की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसी रूफ टाफ योजना के जरिए राम नगरी को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
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प्रदेश में यूपी नेडा के सचिव अनिल कुमार बताते हैं कि राम नगरी को सोलर सिटी बनाने के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से इसमें कुछ बदलाव के लिए कहा गया था। बताया कि अमेंडमेंट के बाद इसे शासन में फिर से प्रस्तुत कर दिया गया है। शासन में इसका प्रजेंटेशन भी किया गया है।
बह बताते हैं कि प्रोजेक्ट में उपभोक्ताओं की कटेगरीवार तैयार किया गया है। सब्सिडी और गैर सब्सिडी के हिसाब से इसे बनाया गया है। वहां बिजली का कितना लोड हैं, उसका प्लांट कैसे लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इसे स्थापित किए जाने को लेकर वह बताते हैं कि वह बताते हैं कि इसे घरों पर लगाया जाएगा। रिक्त स्थानों पर लगाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जमीन लेकर सौर पार्क विकसित किया जाएगा।
राम नगरी को सौर सिटी के रूप में विकसित किए जाने से इस विश्व पर्यटन सिटी के साथ ही यहां के लोगों को खासा लाभ होने की उम्मीद है। इससे यहां के लोगों को प्रदूषण को मुक्ति मिलेगी। प्रदेश सरकार प्रदूषण मुक्त पर्यटन सिटी के लिए इलेक्ट्रिक संचालित बसों के साथ ही दूसरी कई परियोजनाओं पर भी विचार करने की बात पहले ही सामने आ चुकी हैं।
बिजली की लोड कम होगा। श्री कुमार कहते हैं कि यहां के बाशिंदों को बिजली के खर्च से काफी हद तक राहत मिलेगी। बताते हैं कि शासन से निर्देश मिलने का इंतजार है। वह बताते हैं कि शासन से निर्देश के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
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