अयोध्या। योगी सरकार के चुनावी बजट से अयोध्या निहाल हो उठी। प्रदेश में अयोध्या कितना खास महत्व रखती है इसका अंदाजा इसी से लगता है कि विश्वस्तरीय सिटी बनाने का खाका तैयार करने के लिए चयनित ग्लोबल कंसलटेंट कंपनी को 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हालांकि कुल 641 करोड़ के धन आवंटन में ज्यादातर पहले की परियोजनाओं के बाकी काम पूरे करने को लेकर है।
योगी सरकार की ओर से पेश किए गए पांचवें बजट में रामनगरी को फिर से अहमियत मिली। बजट में 641 करोड़ पाकर रामनगरी निहाल हो उठी। संत-धर्माचार्यों ने मिठाई बांटकर अयोध्या के विकास को लेकर किए गए धनावंटन पर प्रसन्नता जताई। राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं से लैस करने की प्रतिबद्धता बजट में स्पष्ट दिखी है। योगी सरकार के बजट से रामनगरी के विकास के लिए पिटारा खुला।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीदने में 650 करोड़ से अधिक धन चाहिए था, पिछली बार 500 करोड़ मिले थे, तो इस बार 101 करोड़ मिले हैं। नई योजना में सिर्फ सूर्यकुंड को मिले 20 करोड़ शामिल हैं, हालांकि इसकी स्वीकृति पहले ही दे दी गई थी। नगर क्षेत्र को मिले 100 करोड़ यहां की बदहाल यातायात इंतजाम को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से हाईटेक करने पर खर्च होंगे। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर और अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए बजट में 300 करोड़ दिए गए हैं। साथ ही पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं के बीच विकसित किए जा रहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए बजट में 101 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यहां की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए भी धन का आवंटन हुआ है।
हाल में अयोध्या को विश्व स्तरीय सिटी बनाने के चयन की गई कनाडा की कंपनी समेत तीन कंपनियों के ग्रुप को फीस के रूप में पांच करोड़ का बजट आवंटित हुआ है, जबकि डीपीआर बनाने पर 15 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत की गई है। सूर्यकुंड को पर्यटकों के लिए विकसित करने पर 20 करोड़ की बनाई गई योजना को भी धन आवंटन हुआ है, साथ ही अमृत योजना से शहर के विकास को 100 करोड़ मिले हैं। राममंदिर बनने के साथ उच्च स्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास पर भी 100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार ने धन आवंटन कर दिया है।
अयोध्या। रामनगरी के संतों ने योगी सरकार के बजट की सराहना करते हुए कहा है कि योगी सरकार अयोध्या के विकास को लेकर गंभीर है, यह सरकार द्वारा पेश किए गए पांचवें बजट से स्पष्ट होता है। अयोध्या में राममंदिर का निर्माण शुरू होने के साथ ही विश्वस्तरीय सुविधाएं हों इसको लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दिख रही है। संतों ने कहा कि सरकार ने अयोध्या के पर्यटन विकास के लिए जहां बजट की घोषणा की है तो वहीं अयोध्या के ढांचागत विकास को लेकर भी ध्यान दिया है और बजट का आवंटन किया है। रामजन्मभूमि में रामलला का दर्शन करने आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिले इसको लेकर भी सरकार की गंभीरता दिखी है। देश-विदेश से भक्त-पर्यटकों को अयोध्या पहुंचने में आसानी हो इसके लिए श्रीराम एयरपोर्ट का निर्माण मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार का बजट विकासोन्मुखी है। सरकार का ध्यान अयोध्या के ढांचागत विकास पर है यह सबसे अच्छी बात है। अयोध्या आने वाले भक्तों के लिए सबसे पहले मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है।
महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने भी योगी सरकार के बजट की तारीफ करते हुए कहा कि राममंदिर निर्माण के साथ अयोध्या की भव्यता भी निखरेगी, क्योंकि अयोध्या के विकास के लिए बजट में करोड़ों का धन आवंटन किया गया है। हमारी इच्छा है कि सरकार अयोध्या का विकास उसकी गरिमा के अनुरूप करेगी, हमेें पूरी उम्मीद भी है।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं है कि अब अयोध्या के विकास को नया आयाम मिलेगा। योगी सरकार ने रामनगरी को विकसित करने के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है वह प्रशंसनीय है। बजट में अयोध्या को महत्व दिया गया है, इस सरकार की विकासवादी दृष्टि दिखती है।
निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव गौरीशंकर दास का कहना है कि राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में जब विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित होंगी तो अयोध्या का प्राचीन वैभव लौटेगा। इसका श्रेय योगी सरकार को जाता है। योगी सरकार अयोध्या के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। अयोध्या अब भव्यता की नजीर बनेगी।
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बजट को दूरदर्शी बताया है। कहा कि, अयोध्या के चतुर्दशी विकास हेतु सरकार समर्पित रही है। बजट में अयोध्या के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विकास का संदेश है। बजट में धार्मिक नगरी के छोटे-छोटे व्यवसायी और कामगार श्रमिकों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी।