अयोध्या। विज्ञान एक मूल है। सामाजिक विकास में विज्ञान का अतुलनीय योगदान है। कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन का निर्माण विज्ञान की देन है। ये बातें डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संतकबीर सभागार में शनिवार को जीव विज्ञान विभाग एवं पृथ्वी एवं पर्यावरण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में समाज के लिए विज्ञान विषय पर आयोजित कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, बीएचयू, वाराणसी के वैज्ञानिक प्रो. गोपाल नाथ ने कहा कि सूक्ष्म जीवों का अध्ययन एक अदृश्य विज्ञान है।
इसी के तहत वैज्ञानिक एक शोध छात्र जीवाणु का भोजन करने वाले विषाणु को बैक्टीरियोफाज कहा जाता है। इसी का प्रयोग करके गंभीर संक्रमण को ठीक किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के डॉ. केके सिंह ने कहा कि रडार एवं जीपीएस की मदद से मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है। इस तकनीक की मदद से प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में काफी मदद मिलती है।
कार्यक्रम में भू-मंत्रालय नई दिल्ली के डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि भूगर्भ विज्ञान सतह के भीतर हो रहे बदलाव के अध्ययन से उसके तथ्यों का पता लगाता है जिसमें उसका असर मानवीय जीवन में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से कितना एवं किस प्रकार होगा। मानवीय जीवन में पृथ्वी के भीतर की गतिविधियों दूरगामी असर होता है। इस अवसर परप्रो. राजीव गौड़, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला, प्रो. तुहिना वर्मा, डॉ. आरके सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।