अयोध्या। अनशन गुरु के नाम से मशहूर हो रहे तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने शनिवार से एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस बार उन्होंने रामनगरी की आध्यात्मिक परिधि पांच कोस के क्षेत्र में हो रही मादक पदार्थों की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर अनशन प्रारंभ किया है। इसके अतिरिक्त गोवंशों की रक्षा के लिए गो मंत्रालय बनाने व कुंडों, तालाबों पर से अवैध अतिक्रमण हटाने की भी मांग की है।
महंत परमहंस दास ने बताया कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दिया था कि यदि 15 जनवरी मकर संक्रांति तक पांच कोस की सीमा से मांस, मदिरा व अंडा की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई तो 16 जनवरी से आमरण अनशन करूंगा। उसी के तहत शनिवार की सुबह चार बजे से वह आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
महंत परमहंस दास ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अयोध्या क्षेत्र में हो रही मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। जिसके बाद राष्ट्रपति कार्यालय से प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को कार्रवाई के के लिए कहा। तब से छह माह बीत चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ। परमहंस ने कहा कि जिला प्रशासन राष्ट्रपति कार्यालय से आए आदेश का भी पालन नहीं करा रहा है और पांच कोस के क्षेत्र में धड़ल्ले से मांस, मंदिरा व अंडा की बिक्री हो रही है। जिला प्रशासन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रहा है। इससे पूर्व अनशन पर बैठे महंत परमहंस का वृंदावन से आए संतों ने स्वागत-सम्मान कर उनकी मांगों को जायज बताया।