भेलसर। रुदौली रेलवे क्रॉसिंग संख्या-143बी पर निर्माणाधीन ओरवब्रिज का कार्य अधर में लटक गया है। पिछले लगभग दो माह से राज्य सेतु निगम का कार्य ठप है, तो वहीं रेलवे विभाग भी कछुए की गति से कार्य कर रहा है। ओवरब्रिज के निर्माण होते तीन साल बीत गए लेकिन, निर्माण कार्य आज भी पूरा नहीं हो सका। शुरुआती दौर में रेलवे ओवरब्रिज की लागत 23 करोड़ रुपये थी जो धीरे-धीरे बढ़कर लगभग 35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इस ओवरब्रिज के निर्माण के चलते मुख्य मार्ग तीन सालों से बाधित है, जिससे रुदौली का व्यापार प्रभावित हुआ है। इसको लेकर समय-समय पर व्यापारियों ने रुदौली उद्योग व्यापार मंडल के संग अपनी आवाज तो बुलंद की लेकिन यह आवाज नक्कारखाने में तूती साबित हो रही है। हाल यह है कि राज्य सेतु निगम द्वारा पिलर व स्लैब डालकर निर्माण कार्य ठप कर दिया है, जबकि अभी ब्रिज के दोनों ओर सर्विस मार्ग कच्चा ही है।
सर्विस मार्ग पर जल निकासी के लिए बनी दो पुलिया, क्रास बैरियर, ओवरब्रिज के ऊपर डामरीकरण, लाइट पोल, स्वागत द्वार आदि का निर्माण कार्य अभी बाकी है। खैरनपुर निवासी संजय कुमार अग्रवाल कहते हैं कि रुदौली की जनता तीन साल से परेशान है, इसकी शिकायत पीएमओ सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की गई है। इस निर्माणाधीन ओवरब्रिज का शिलान्यास 14 अक्टूबर 2017 को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। 2019 के पहले पूरा कराने को कहा गया था। निर्माण कार्य पूरा न होने पर अवधि बढ़ाकर जून 2020 कर दी गई, फिर भी कार्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। वहीं आवागमन का रास्ता बंद होने से रुदौली का व्यापार थम सा गया है। भेलसर-रुदौली मार्ग तीन जिले की सीमा को जोड़ता है।
सर्विस रोड व ओवरब्रिज पर डामरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही स्वागत द्वार व नाला निर्माण का कार्य भी होगा। रेलवे का निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले सभी कार्य पूर्ण करा दिए जाएंगे।
- नवाब सिंह, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम