अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेस नोट जारी कर मंदिर निर्माण को लेकर ताजा जानकारी दी है। उन्होंने राम मंदिर के लिए धन जुटाने के ट्रस्ट के प्लान के बारे में भी बताया है। राममंदिर के लिए धन संग्रह अभियान के साथ-साथ देश की कम से कम आधी आबादी को राममंदिर आंदोलन के इतिहास से भी अवगत कराने की योजना है। इसके लिए धनसंग्रह अभियान के दौरान घर-घर रामजन्मभूमि का साहित्य व भगवान के मंदिर का चित्र भी बांटा जाएगा।
चंपत राय ने बताया कि भारत वर्ष की वर्तमान पीढ़ी को राममंदिर के इतिहास से अवगत कराने की योजना है। देश की कम से कम आधी आबादी को राम जन्मभूमि मंदिर की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराने के लिए देश के हर राज्य के कोने-कोने में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान निकोबार, त्रिपुरा सहित देश के सभी कोनों में जाकर लोगों को सच्चाई से रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए लाखों कार्यकर्ता गांवों व मोहल्लों में जाएंगे।
स्वाभाविक है जब जनसंपर्क होगा, लाखों कार्यकर्ता गांवों व मोहल्लों में जाएंगे तो समाज स्वेच्छा से कुछ न कुछ निधि समर्पण करेगा। इसकी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 10 रुपये, सौ रुपये और 1000 रुपये के कूपन और रसीद बनाए गए हैं। करोड़ों घरों में भगवान के मंदिर का चित्र पहुंचेगा। ये जनसंपर्क कार्यक्रम मकर संक्रांति से शुरू होगा और माघ पूर्णिमा पर समाप्त होगा। उन्होंने रामभक्तों से पूरे समर्पण के साथ इस अभियान से जुटने की अपील भी की है।
एक हजार वर्ष की आयु वाले पत्थरों से बनेगा राममंदिर
चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण का काम लार्सन एंड टर्बो कंपनी को दिया गया है। मंदिर निर्माण में सलाहकार के रूप में टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियरों को जिम्मेदारी दी गई है। मंदिर की जमीन के नीचे 200 फीट तक भुरभुरी बालू पाई गई है। गर्भगृह के पश्चिम में कुछ दूरी पर सरयू नदी का प्रवाह है। इस भौगोलिक परिस्थिति में एक हजार साल की आयु वाले पत्थरों को मंदिर में लगाया जाएगा।
मंदिर का भार सहन कर सकने वाली मजबूत और टिकाऊ नींव की ड्राइंग पर आईआईटी मुंबई, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी गुवाहाटी और केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के इंजीनियर आपस में सलाह-मशवरा कर रहे हैं। शीघ्र ही नींव का प्रारूप तैयार कर निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
20 फिट होगी राममंदिर की प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई
चंपत राय ने बताया कि राममंदिर तीन मंजिला होगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट होगी। मंदिर की लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट होगी। मंदिर का फर्श भूतल से 16.5 फीट ऊंचा होगा। इसके अलावा भूतल से गर्भगृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट होगी। मंदिर को पूरी तरह से भूकंपरोधी बनाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए धरती के नीचे 200 फीट गहराई तक मृदा परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही भविष्य के लिए संभावित भूकंप के प्रभाव का भी अध्ययन किया जा रहा है। मंदिर के वास्तु का दायित्व चंद्रकांत सोमपुरा पर है।
आज दिल्ली की बैठक में फाइनल हो सकता है नींव का नक्शा
राममंदिर निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को दिल्ली में होने जा रही है। जिसमें शामिल होने के लिए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। मंगलवार की बैठक में टाटा कंसल्टेंसी व एलएंडटी के इंजीनियरों की टीम नींव को लेकर तैयारी की गई डिजाइन मंदिर निर्माण के लिए गठित आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के समक्ष पेश करेगी। इसके बाद ये समिति अपना अंतिम निर्णय मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को बताएगी। जिसके बाद राममंदिर की नींव का काम शुरू हो सकता है। माना जा रहा है कि अभी नींव का काम शुरू होने में करीब एक माह का समय लग सकता है।