अयोध्या। रामनगरी के ढांचागत विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही प्रदेश के आला अफसरों के साथ बैठक करने वाले हैं। इसमें रामनगरी का मास्टर प्लान, विकास प्राधिकरण के नए प्रस्तावित क्षेत्र का विकास, शहर की सड़कों का चौड़ीकरण, प्रस्तावित 251 मीटर ऊंची भगवान श्रीराम की मूर्ति वाले स्थान का अधिग्रहण, नव्य अयोध्या, मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम एअरपोर्ट सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा होगी। इसकी तैयारियां जनपद के विभिन्न विभागों की ओर की जा रही है। अयोध्या में विभागों की सहमति के अनुसार अब रामनगरी का मास्टर प्लान दो चरणों में बनेगा। साथ ही शहर के मुख्य मार्ग सहादतगंज-नया घाट मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। सड़कों के 6-6 मीटर दोनों तरफ चौड़ीकरण में देरी का मामला मुख्यमंत्री ने स्वत: ही संज्ञान में लिया है।
अयोध्या का विकास प्रदेश की मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल रहा है। मौजूदा समय में 10 से अधिक बड़े प्रोजेक्टों पर कार्य चल रहा है।
कार्य की प्रगति को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री लगातार खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास संबंधी योजनाओं की प्रगति से लेकर नए मास्टर प्लान पर बैठक कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन, एडीए प्रशासन व नगर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अयोध्या विकास प्राधिकरण के लिए नए विकास क्षेत्र के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।
अमृत योजना के तहत बनने वाले मास्टर प्लान 2031 दो चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में पुराने विकास प्राधिकरण के 133 किमी क्षेत्रफल का प्लान तैयार किया जाएगा। इसका सर्वे व सहित अन्य कार्य पूरा हो चुका है । नए विकास क्षेेत्र 735 वर्ग किमी का प्लान दूसरे चरण में बनेगा। इसके साथ ही अयोध्या विकास प्राधिकरण के बढ़े क्षेत्र में आवश्यकताओं के अनुरूप पद सृजन व बटने वाले 15 जोनों के विकास का खाका भी तैयार किया जाएगा। साथ ही रामनगरी के अंदरूनी विकास का खाका खींचने के लिए विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम के चयन की तैयारियों पर भी चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री के ड्रीम्ड प्रोजेक्ट में शामिल नव्य अयोध्या प्रोजेक्ट की कार्रवाई पर भी चर्चा होगी। इसमें खसरे के आधार पर भूमि को चिह्नित किए जाने व किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने का मुद्दा प्रमुख होगा। इसमें भूमि के अधिग्रहण में हो रही तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। इस सबके के अलावा अयोध्या शहर में भीतर प्रमुख मार्ग सहादतगंज-नया घाट मार्ग के चौड़ीकरण भी चर्चा हो सकती है। इसमें मार्ग की चौड़ाई दोनों ओर 6-6 मीटर बढ़ाई जानी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई गतिमान नहीं हो पाई है।
लोक निर्माण विभाग अभी तक अपने सड़क के एरिया को चिह्नित नहीं कर सका है। कार्य में हो रही शिथिलता के चलते विकास प्राधिकरण ने फाइल मंगाई है। यह मुख्यमंत्री के सामने पेश हो सकती है। इसके अलावा एअर पोर्ट व श्रीराम की मूर्ति संबंधी भूमि पर गतिमान अधिग्रहण की कार्रवाई व पर्यटन के प्रमुख कार्यों की समीक्षा हो सकती है। इसके लिए सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां पूर्ण कर रहे हैं। बैठक में प्रस्ताव पर मोहर व तैयारियों के बाबत निर्देश के बाद अयोध्या के ढांचागत विकास की तस्वीर और साफ होगी।
नए पद सृजन की रिपोर्ट भेजी प्रमुख सचिव आवास को
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया है कि सोमवार को प्रमुख सचिव आवास से मिलने का कार्यक्रम तय है। उन्हें विकास व योजनाओं पर जानकारी देंगे। विकास प्राधिकरण के बढ़े क्षेत्रफल को 15 जोन में बांटे जाने व नए पदों का सृजन समेत कई अन्य मामलों की विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी। पदों की स्वीकृत के बाद आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया है कि नए पदों में टाउन प्लानर का पद स्वीकृत होना तय है ।
आज जारी हो सकती है नए विकास क्षेत्र की अधिसूचना
अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल 343 नए गांवों को शामिल किए जाने संबंधी अधिसूचना मंगलवार को जारी हो सकती है। अधिसूचना के जारी होने व आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में सभी गांव शामिल हो जाएंगे।