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कोरोना का शोर..फिर भी कूड़े का लगा ढेर

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अयोध्या। चारों ओर कोरोना की दूसरी वेब का शोर है... डेंगू अलग से खतरा-ए-जान बना हुआ है, फिर भी शहर के मोहल्लों की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। यह हाल दिवाली बाद से लगातार बना हुआ है। तमाम मोहल्लों व भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों के पास कूड़ा डंपिंग सेंटरों से कूडे़ तक नहीं उठ रहे हैं। जगह-जगह जलभराव भी बना हुआ है। नालियों की सफाई न होने से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। नगर निगम असहाय दिख रहा है, इसका कारण गिना रहे हैं कि सफाई टीमें रामनगरी में परिक्रमा मेला ड्यूटी में हैं।
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शहर में नगर निगम की इलाके में लगभग 14 सौ कर्मचारी हैं। पूर्ववत में नगर की सफाई व्यवस्था दो पालियों में आयोजित होती रही है लेकिन, कोरोना काल से सफाई दो पालियों से बदल कर एक पाली में कर दी गई। तब से यह व्यवस्था अनवरत चल रही है। अब तक इस व्यवस्था में बदलाव नहीं हो रहा है जबकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ढर्रे से उतर चुकी है। जगह-जगह कूड़ों का ढेर लग रहा है। कूड़ा डंपिंग सेंटरों से कूड़े नहीं उठ रहे हैं। कई-कई दिनों तक डंपिंग सेंटरों की कोई सुधि लेने वाला नहीं है।
नालियों की सफाई का भी यही हाल है। कूडों व कचरों से नालियां पटी हैं। सफाई कर्मचारी नाली की गंदगी निकाल कर सड़कों पर रख दे रहे हैं। इसको उठाने वाला कोई नहीं है। कई मोहल्लों में जलभराव की भी समस्या है। बछड़ा सुल्तापुर, मकबरा के पीछे समेत कई जगहों की स्थिति तो ऐसी है कि महीनों का गंदा पानी जमा हुआ है। यह नगर निगम की बड़ी लापरवाही है, जो संक्रामक बीमारियों को दावत दे रही है। फागिंग व्यवस्था पहले से ही ढर्रे से उतर चुकी है। मोहल्लों में सैनिटाइजेशन कार्य भी बंद है जबकि डेंगू व कोरोना बीमारी शहरवासियों को अपने आगोश में लिए हुए है। ऐसे में सिर्फ एक समय की सफाई मोहल्लेवासियों की चिंता का सबब है।
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सेनेटाइजेशन व्यवस्था को पुन: संचालित करने के लिए सफाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। सफाई व्यवस्था के लिए सफाई निरीक्षक समेत सफाई संबंधित समस्त अधिकारियों को बुलाया जाएगा। यह कोशिश की जा रही है कि सफाई समय से व सही ढंग से हो।
विशाल सिंह, नगर आयुक्त अयोध्या
सीन एक
कूड़े से पट गया है नाला
यह अयोध्या कोतवाली के पीछे चूड़ी मार्केट का इलाका है। यहां नगर निगम का एक कूड़ा डंपिंग सेंटर है। कूड़ा तो मंगलवार को उठा है लेकिन यहां एक बड़े नाले का होल काफी दिनों से खुला है। इसमें डंपिंग सेंटर का कूड़ा अक्सर भर जाता है। जिससे पानी भर कर जमा होने लगाता है। यही हालत मंगलवार को भी दिखाई दी। नाले का होल कूड़े से पटा रहा लेकिन सफाई कर्मचारियों ने इसकी सुधि नहीं ली।
सीन दो
कूड़ा डंपिंग सेंटर खोल रहा नगर निगम के दावों की पोल
यह दिल्ली दरवाजे का कूड़ा डंपिंग सेंटर है। जब भी नगर निगम के अधिकारियों या कर्मचारी से बात की जाती है तो यही बताते हैं कि प्रति दिन कूड़ा उठ रहा है। यह डंपिंग सेेंटर नगर निगम के अधिकारियों के दावे की पोल खोलता है। आसपास के निवासियों का बताना है कि कभी कभी तीन-तीन व चार दिन तक कूड़ा नहीं उठता है।
सीन तीन
शिक्षा के मंदिर पर भी लगा कूड़ों का ढेर
यह पुरानी सब्जी मंडी मोहल्ले का कूड़ा डंपिंग सेंटर व लालबाग नाले का चित्र है। साफ जाहिर है कि पुरानी सब्जी मंडी में कई दिनों से कूड़ा नहीं उठा है। डंपिंग सेंटर के सामने से डायट है, यहां से दिन पर प्रक्षिशुओं का आना जाना बना रहता है। यही हालत लालबाग के नाले की भी है। काफी माह से नाले में कूड़ा एकत्रित है लेकिन इसको देखने वाला कोई नहीं है। इससे नाले के बहाव की गति कम होने से आसपास की नालियों में पानी डंप रहता है।
सीन चार
डेंगू को खुली दावत दे रहा डंप पानी
यह मकबरा के पीछे की मलिन बस्ती है। यहां हमेशा नाले का गंदा पानी भरा रहता है। मौजूदा समय में सड़क के पास एक माह से अधिक गंदा पानी डंप है। यह डेंगू की बीमारी को खुली दावत दे रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस स्थान पर पानी डंप है, वहां से पास में कई घर हैं। अगर कोई संक्रामक बीमारी फैल जाए तो कोई अचरज की बात नहीं होगी।
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