अयोध्या। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष तनुज पुनिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन आलोक प्रसाद की गिरफ्तारी साजिश के तहत आलोकतांत्रिक ढंग से की गई। कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। मांग उठाई कि आलोक प्रसाद को तत्काल रिहा किया जाए। श्री पुनिया ने यह बातें पार्टी कार्यालय कमला नेहरू भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा दलित विरोधी मानसिकता के चलते उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दलितों को सम्मान और सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुई है। पिछले कई महीनों में यूपी में दलित उत्पीड़न और अत्याचार के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। दलित बेटियों पर बलात्कार और हत्या से पूरा यूपी दहल गया।
हाथरस के अलावा बुलंदशहर, अमरोहा, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, शाहजहांपुर, उन्नाव आदि जनपदों में घटित हुई हैं। कहा कि यही इतना नहीं बांदा में सैकड़ों छोटे बच्चों के साथ कुकर्म करने वाले नरपिशाच सामने आ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही दलित हितैषी और दलितों के प्रति संवेदना रखते हुए उनके साथ मजबूती से खड़ी रही।
कहा कि यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही आलोक प्रसाद दलितों के साथ हो रहे उत्पीडन पर न्याय दिलाने एवं एफआईआर कराने के साथ पुलिस प्रशासन पर शीघ्र काई कार्रवाई करने का दबाव बनाते रहे। जिला पंचायत सदस्य दिलीप रावत ने कहा कि श्रीप्रसाद कोरोना महामारी के समय भी दलितों के घर अनाज और दैनिक उपयोग की वस्तुएं कांग्रेसजनों के साथ पहुंचाते रहे।
उनकी सक्रियता को देखते हुए झूठे आरोपों और मुकदमों में फंसाकर साजिश के तहत 14 अक्टूबर की रात्रि में उनके आवास से जबरन गिरफ्तार कर असंवैधानिक रूप से जेल में डाल दिया गया। 26 नवंबर को संविधान दिवस पर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर उनकी रिहाई की मांग करते हुए जिला अधिकारी अयोध्या को संविधान की प्रति और आलोक प्रसाद पासवान की एक फोटो भेंट करेंगे।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष राम सागर रावत, पीसीसी सदस्य मोहम्मद शरीफ, जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल हकीम, जिला उपाध्यक्ष वेद सिंह कमल, अमरजीत रावत, बलवंत रावत, पीयूष कुमार, गयादीन पासी, नीलम कोरी आदि मौजूद रहे।