अयोध्या। रामनगरी का पौराणिक कार्तिक परिक्रमा मेला सोमवार से शुरू हो रहा है। इस बार कोरोना के चलते कार्तिक परिक्रमा मेले में बाहरी श्रद्घालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिसके चलते अयोध्या केे कारोबारियों में निराशा है। कोविड-19 महामारी के कारण करीब दो माह तक चले लॉकडाउन से प्रभावित हुए धर्मनगरी अयोध्या के कारोबारियों को कार्तिक मेले से बड़ी उम्मीद थी। उन्होंने मेले को लेकर तैयारी भी की थी और लाखों का माल भी खरीद लिया था। अब प्रशासन ने कोरोना के कारण बाहरी श्रद्घालुओं पर रोक लगा दी है जिसके कारण व्यापारियों को लाखों का नुकसान होना तय है।
रामनगरी की आर्थिक व्यवस्था मेलों पर ही निर्भर है। रामनवमी, सावन व कार्तिक परिक्रमा मेले में रामनगरी में 15 से 20 लाख श्रद्घालु आते हैं। बाहरी श्रद्घालु जमकर खरीदारी भी करते हैं, जिसे रामनगरी के छोटे व्यापारियों का कारोबार चमक जाता था। लॉकडाउन के चलते पहले से परेशान चल रहे व्यापारियों को इस बार कार्तिक परिक्रमा मेले से बड़ी उम्मीद थी लेकिन बाहरी भक्तों पर रोक के चलते यह उम्मीद भी टूट गयी। व्यापारी विजय साहू ने कहा कि मेले से बहुत उम्मीद थी लेकिन मेले में बाहरी भक्तों पर रोक लग जाने से परिवार चलाना मुश्किल हो जा रहा है। कोरोना ने तो कमर ही तोड़कर रख दी है।
हनुमानगढ़ी के प्रसाद विक्रेता चंदन मोदनवाल ने बताया कार्तिक मेले मे पचासों हजार का प्रसाद बिक जाता था इस बार तो हालत खराब होने वाली है। हरिद्वारी बाजार के व्यापारी श्याम नारायण सिंह ने बताया कि विगत कार्तिक मेले में करीब अस्सी-नब्बे हजार की बिक्री हो गई थी। लॉकडाउन के बाद इस मेले से बड़ी उम्मीद थी लेकिन अब लगता है निराशा ही हाथ लगेगी।
कच्चा घाट पर सिंदूर-बिंदी की दुकान करने वाले श्रीरामगुप्ता तो बहुत ही निराश हैं। कहते हैं कि सौ-दो सौ की बिक्री मुश्किल से हो रही है, यह हाल तब है जब मेला चल रहा है। न्यू बाजार के थोक विक्रेता धीरज तिवारी बताते हैं सभी मेलों में कार्तिक मेले में सबसे ज्यादा बिक्री होती थी। विगत कार्तिक मेले मे जहां तीन-चार लाख का माल आसानी से निकल गया था, इस बार लाख रुपये का माल बिकना मुश्किल हो गया है। व्यापारी श्याम नारायण सिंह ने कहा कि हालत यह है कि रोजमर्रा का खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है, कोरोना ने कमर तोड़कर रख दी है।
व्यापारियों को सता रहा लाखों की चपत का डर
अयोध्या उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नंद कुमार गुप्ता नंदू बताते हैं कि व्यापारियों को लाखों की चपत लगने वाली है। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कार्तिक मेला शुरू होने से पूर्व ही लाखों का सामान अपनी दुकानों में भर लिया था। अब कार्तिक मेले में बाहरी श्रद्घालुओं पर रोक लगाए जाने के कारण उनका लाखों का माल फंसता दिखाई दे रहा है जिसको लेकर व्यापारी चिंतित हैं।