फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों को जिले से ही होगा स्कूल का आवंटन

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। 31667 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में जिले में नियुक्ति पत्र प्राप्त कर चुके 682 शिक्षकों के स्कूल आवंटन का कार्य अब जिले स्तर से ही होगा। हालांकि, पारदर्शी व्यवस्था के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें पुरुष शिक्षक अपनी मर्जी से विकल्प नहीं चुन सकेंगे, जबकि दिव्यांगजनों व महिला शिक्षकों को ऑनलाइन विकल्प चुनने का अधिकार दिया गया है। प्रक्रिया को 29 अक्तूबर से शुरू करके एक-दो नवंबर तक स्कूलों में ज्वाइन करना होगा। इसकी तैयारी विभागीय स्तर पर तेजी से शुरू हो गई है।
विज्ञापन

31667 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर जिले को 740 शिक्षक प्राप्त हुए थे। काउंसलिंग प्रक्रिया में 697 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। जिनके कागजात सत्यापन के उपरांत 682 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया था। शिक्षकों को विद्यालय आवंटन प्रक्रिया से बीएसए स्तर से अधिकार छीनकर शासन स्तर से करने का निर्णय लिया गया था, तभी से शिक्षकों की उपस्थिति बीएसए दफ्तर में कराई जा रही है। लेकिन अब सरकार ने आवंटन कार्य जिला स्तर से ही करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रेरणा ऐप पर स्कूलों की रिक्तियों का विवरण अपलोड किया गया है। जिसे सार्वजनिक भी किया जाएगा।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी कार्यवाही ऑनलाइन होगी। पुरुष शिक्षकों को आवंटन के दौरान विकल्प चुनने का मौका भी नहीं दिया जाएगा। शासन से विकसित किए गए साफ्टवेयर द्वारा पुरुषों को ऑनलाइन रोस्टर के तहत स्कूल जारी कर दिया जाएगा। जबकि दिव्यांगजन व महिला शिक्षकों को थोड़ी राहत दी जाएगी। इन्हें आवंटन के लिए बुलाया जाएगा और साफ्टवेयर उस समय अपलोड दिखने वाले विद्यालयों में से उन्हें विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा।
विज्ञापन

विकल्प चुनते ही वह विद्यालय लॉक होकर सूची से स्वत: गायब हो जाएगा। 29 अक्तूबर को एडी बेसिक सभागार में दिव्यांगजन व महिला अभ्यर्थियों को आवंटन के लिए बुलाया जाएगा। उसके बाद पुरुष शिक्षकों का ऑनलाइन रोस्टर जारी होगा। आवंटन पत्र का मिलान करने के बाद एक-दो नवंबर में संबंधित विद्यालय में शिक्षकों को ज्वाइन करना होगा।
नियुक्ति पत्र प्राप्त कर चुके शिक्षकों के अभिलेखों की दोबारा जांच की जाएगी। इसके लिए बीएसए ने छह कमेटी गठित किया ऊै। प्रत्येक कमेटी में तीन-तीन सदस्य बनाए गए हैं, जो कि आवेदन के समय प्रस्तुत किए गए अभिलेखों का मूल अभिलेखों से मिलान करेंगे। यह प्रक्रिया नियुक्ति पत्र वितरित करते समय भी की गई थी, जिसे दोबारा किया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने बताया कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शासन स्तर से रणनीति बनाई गई है। पुरुषों को विकल्प चुनने का अवसर नहीं मिलेगा, लेकिन महिला शिक्षक व दिव्यांगजन इच्छुक ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों का विकल्प लेकर ही आएं, क्योंकि विकल्प चुनने का अवसर कम होगा। विद्यालय की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी। विद्यालय का विकल्प चुनते ही वह लॉक हो जाएगा और सूची से स्वत: गायब हो जाएगा। बताया कि करीब आठ सौ विद्यालयों का विकल्प दिया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र शामिल हुई ग्रामसभाओं के विद्यालयों को नहीं खोला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें