अयोध्या। रविवार को शहर के निर्मलीकुंड पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन सादगी से किया गया। कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार डीजे, बैंड-बाजा आदि पर प्रतिबंध लगाया गया था, प्रतिमाओं को ले जाने के लिए एक छोटे लोडर वाहन व उसमें संबंधित समिति के पांच पकार्यकर्ताओं को जाने की अनुमति थी। सिटी मजिस्ट्रेट एसपी सिंह के अनुसार देर शाम तक 157 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार शारदीय नवरात्र में सार्वजनिक स्थानों पर पंडाल लगाकर मां की प्रतिमाओं को स्थापित करने पर रोक लगाई गई थी। इसके चलते दुर्गा पूजा समितियों ने प्रतीकात्मक रूप से घरों व निजी भूमि पर मां की प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। वहीं इन प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी गाइड लाइन जारी की गई थी, इसमें डीजे, बैंड-बाजा व जुलूस आदि निकालने पर रोक लगाई गई थी। इसके चलते रविवार को सादगी से शहर के निर्मल कुंड पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
सुबह करीब 11 बजे से प्रतिमाओं का पहुंचना शुरू हो गया, छोटी मूर्तियां होने के कारण समिति के कार्यकर्ताओं ने स्वयं प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित किया। सिटी मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि देर शाम तक प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम चलता रहा, इस दौरान करीब 157 प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। मौके पर जिलाधिकारी अनुज झा, एडीएम सिटी वैभव शर्मा, नगर आयुक्त विशाल सिंह, एसपी सिटी विजयपाल सिंह, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन विजय गुप्ता, गगन जायसवाल, सुप्रीत कपूर, केशव बिगुलर, अखिलेश पाठक, अतुल सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम कर रखे थे। रीडगंज से लेकर सहादतगंज हनुमान गढ़ी तक जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सभी पूजा समितियों द्वारा संबंधित चौकी क्षेत्र की पुलिस की निगरानी में प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए रवाना किया गया। निर्मली कुंड पर भी पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि सभी समितियों को पूर्व में ही कोविड प्रोटोकाल की जानकारी दे दी गई थी, जिसका लोगों ने पालन भी किया। इसके चलते शांतिपूर्वक मां की प्रतिमाओं को विसर्जन संपन्न हुआ। ऐहितयातन सुरक्षा के सभी उपाय किए गए थे।
कोरोना काल के चलते इस वर्ष विजयदशमी पर प्रतीकात्मक रूप से रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया गया। शहर में पांच स्थानों पर रावण दहन हुआ, कोविड प्रोटोकाल के चलते दर्शकों की संख्या न के बराबर रही। इन सभी जगहों पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा निगरानी की जा रही थी। रविवार को शहर के लल्ली देवी रामलीला स्थल चौक, साहबगंज, फतेहगंज, हैदरगंज व करम अली का पुरवा सिविल लाइन पर रावण के पुतले का दहन किया गया।
इन सभी स्थानों पर कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अधिकतम 8 फुट के रावण के पुतले का निर्माण किया गया था, इसमें आतिशबाजी का भी प्रयोग कम किया गया। शाम करीब 5:30 बजे इन स्थानों पर जयश्री राम, राजा रामचंद्र की जय के जयकारों के साथ पुतले में आग लगाई गई। केंद्रीय दुर्गा पुजा व रामलीला समिति के रामलीला प्रभारी प्रेमनाथ राय ने बताया कि सभी जगहों आयोजन सकुशल संपन्न हो गया।