भेलसर। रुदौली तहसील क्षेत्र के किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर जटिल प्रक्रिया रास नहीं आ रही है। वजह, किसानों को गेहूं समेत अगली फसल बोआई को पैसे चाहिए मगर उन्हें केंद्रों पर भुगतान के लिए नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। जिस कारण धान आढ़तियों को बेचना पड़ रहा है। यही वजह है कि राजकीय धान क्रयकेंद्रों पर धान खरीद की स्पीड काफी धीमी है।
राजकीय धान क्रयकेंद्र विपणन शाखा रुदौली में अब तक सिर्फ 110 क्विंटल धान की ही खरीद हो पाई है। पिछले वर्ष विपणन शाखा रुदौली के धान क्रयकेंद्र पर 40 हजार क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस वर्ष खरीद लक्ष्य अभी तक निर्धारित नहीं किया गया। आनलाइन पंजीयन के नाम पर किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि किसानों से धान क्रय के बाद 72 घंटे में भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
क्षेत्र के ग्राम हलीमनगर निवासी रामसूरत कहते हैं कि लगभग 40 क्विंटल धान है लेकिन सरकारी क्रयकेंद्र पर नहीं बेचूंगा। वहां बहुत परपंच है। रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर होता नहीं, कंप्यूटर मेरे पास है नहीं। ऐसे में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे कराउंगा। इसके बाद भी निश्चित नहीं है कि धान बिक ही जाएगा। नमी के बाद भी न जाने क्या-क्या जांच की जाती है। हमारे लिए इससे तो सही रहता है कि बाहरी आढ़तियों को बेच दें। रहीमगंज गांव के अनुज कुमार चौहान कहते हैं कि खरीद केंद्रों पर हमारे धान की जांच ऐसे होती है जैसे हम चरस या अफीम बेच रहे हैं। नमी चेक होता है, धूल चेक होता है, फिर देखा जाता है कि हरे या कच्चे धान की मात्रा कितनी है।
इतनी दूर ढोकर ले जाने के बाद भी जब धान को गुणवत्ताहीन बताकर नहीं खरीदा जाता, तो दुख होता है। इसलिए मैं तो बाहरी खरीदादारों को ही बेच देता हूं। राजकीय धान क्रयकेंद्र रुदौली पर मिले भेलसर निवासी किसान मालिकराम कहते हैं कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हम करा ही नहीं पाते। प्रक्रिया बहुत मुश्किल है। किसी तरह दूसरों का सहारा लेकर रजिस्ट्रेशन करा भी लिया तो इसके बाद भी गारंटी नहीं होती कि क्रयकेंद्र पर धान खरीदा ही जाएगा। ऐसे में हम सरकार द्वारा धान की निर्धारित दर का लाभ उठा ही नहीं पाते।
यहां खुले केंद्र
रुदौली तहसील क्षेत्र में, ऐहार, ललुवापुर, पटरंगा, बरौली, गनेशपुर में धान क्रयकेंद्र की शाखा खोली गई है।
रुदौली तहसील क्षेत्र के लगभग 2500 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसका सत्यापन लेखपाल द्वारा किया जा रहा है। अब 500 किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। क्रयकेंद्र शाखा रुदौली पर किसानों ने अपना धान लाना शुरु कर दिया है। अभी जिले से लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। एक दो दिन में लक्ष्य निर्धारित हो जाएगा।
- विनोद कुमार कुशवाहा, वरिष्ठ विपणन निरीक्षक शाखा रुदौली