अयोध्या। सभी शिक्षा बोर्डों के कक्षा 9 से 12 तक विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन पुन: प्रारंभ किए जाने को लेकर जिले में निर्देश जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने निर्देश दिया है कि विद्यालय खोले जाने से पूर्व उन्हें पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए। यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के बाद नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए।
विद्यालय 19 अक्तूबर से खुलने हैं। अब इनके लिए गाइड लाइन पर अमल के लिए निर्देश जारी किया गया है। जिलाधिकारी के मुताबिक, विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मलस्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि किसी विद्यार्थी या शिक्षक या अन्य कर्मी को खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण हो तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाए। विद्यार्थियों को हैंडवाश/हैंड सैनिटाइज कराने के बाद विद्यालय में प्रवेश दिया जाए। इसे नियमित रूप से व्यवहार में लाने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाए।
विद्यालय में प्रवेश के समय तथा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी न की जाए। विद्यालय में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार हैं तो उनका उपयोग किया जाए। यदि विद्यार्थी स्कूल बसों अथवा विद्यालय से संबंध सार्वजनिक सेवा वाहन से विद्यालय आते हैं तो उन्हें प्रतिदिन सेनीटाइज कराया जाए।
बैठने की व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध रखे जाएं। विद्यार्थियों को 6 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था यथावत जारी रखी जाए तथा इसे प्रोत्साहित किया जाए। जिन विद्यार्थियो के पास ऑनलाइन पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नही ं है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाए। यदि कोई विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन करना चाहता है तो उसे सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
विद्यालय दो पालियो में संचालित किया जाए। प्रथम पाली में कक्षा नौ एवं कक्षा 10तथा द्वितीय पाली में कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाए। एक दिवस में प्रत्येक कक्षा के अधिकतम 50 फीसदी तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जाए। अवशेष 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को अगले दिन बुलाया जाए।
विद्यार्थियों को उनके माता.पिताध्अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही बुलाया जाए। विद्यालय में उपस्थिति हेतु लचीला रुख अपनाया जाए तथा किसी विद्यार्थी को विद्यालय आने के लिए बाध्य न किया जाए। कोविड-19 के फैलाव और उससे बचाव के उपायों से सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया जाय। इसकेे प्रभारी अधिकारी डीआईओएस बनाए गए हैं। समीक्षा एडीएम सिटी वैभव शर्मा करेंगे।