ट्रेनों में बढ़ रही यात्रियों की संख्या, ट्रेनों को चलाने की मांग
अयोध्या-फैजाबाद रूट से होकर रोजाना गुजर रही मात्र दो ट्रेनें, साप्ताहिक चार ट्रेनें भी ट्रैक पर
कई रेलकर्मी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित, फिर भी सुरक्षा व बचाव के कोई इंतजाम नहीं
फोटो-23
अयोध्या। अयोध्या-फैजाबाद से होकर गुजरने वाली चंद ट्रेनों में अब भीड़ दिखाई दे रही है। रोजाना चलने वाली महज ट्रेनों के साथ साप्ताहिक चारों गाड़ियां फुल जा रही है। अब इन ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलना आसान नहीं है, जबकि तत्काल टिकटों के लिए भी लाइनें लंबी हो रही है। यात्रियों का कहना है कि फैजाबाद-दिल्ली व मुंबई जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को अब चलाना चाहिए। फिलहाल इस रूट से चेज की गई ट्रेनों में अभी सिर्फ किसान एक्सप्रेस को 21 जनवरी से चलाने का ऐलान किया गया है जबकि दून एक्सप्रेस को इस रूट से चलाने की बात कही गई है लेकिन इसका दिन अभी निर्धारित नहीं हुआ है। वहीं, दूसरी ओर जिले के आचार्य नरेंद्र देव, दर्शननगर व अलनाभारी स्टेशन पर कई रेलकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके है, इसके बावजूद स्टेशनों पर कोविड प्रोटोकाल के तहत किए जाने वाले आवश्यक इंतजाम नदारत हैं।
कोरोना संक्रमण के दौरान वर्तमान में अयोध्या-फैजाबाद रूट से रोजाना साबरमती व कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही है। जबकि साप्ताहिक ट्रेनों में सरयू यमुना, असम-गोहाटी व दो हमसफर ट्रेनें चल रही है। इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते अब इन ट्रेनों में आसानी से रिजर्वेशन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं तत्काल टिकटों के लिए भी लंबी लाइनें लग रही है। ध्यान रहे कि इस रूट से होकर पूर्व में चलने वाली किसान एक्सप्रेस व दून एक्सप्रेस ट्रेन का रूट बदल दिया गया था, जिसे स्थानीय लोगों की मांग पर रेल प्रशासन इन ट्रेनों को दोबारा इस ट्रेन से चलाने का ऐलान किया है। इनमें से किसान एक्सप्रेस ट्रेन 21 जनवरी 2021 से चलेगी जबकि दून एक्सप्रेस ट्रेन चलने के लिए अभी दिन निर्धारित नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को अभी परेशान होना पड़ रहा है।
फैजाबाद-दिल्ली, साकेत एक्सप्रेस व इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग
जिले के व्यापारियों व यात्रियों ने फेस्टिवल सीजन को देखते हुए फैजाबाद से दिल्ली व मुंबई जाने वाली साकेत एक्सप्रेस ट्रेन के साथ कानपुर व बनारस जाने वाली इंटर सिटी ट्रेनों को चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नवरात्र, दशहरा व दीपावली पर्व के चलते बाहर से माल मंगाने व यात्रियों को घर आने जाने के लिए इन ट्रेनों की महती आवश्यकता है। व्यापारी शैलेंद्र गुप्ता, सुरेश यादव, दीनानाथ, मुकेश गुप्ता, छैलबिहारी आदि का कहना है कि यह ट्रेनें फैजाबाद से बनकर चलती थी, इससे आवागमन के साथ माल लाने में आसानी होती थी, अत: रेल प्रशासन को अब इन ट्रेनों को चलाने की अनुमति देनी चाहिए।
कोविड प्रोटोकाल के लिए आवश्यक सामानों का नहीं है इंतजाम
जिले के आचार्य नरेंद्रदेव, दर्शननगर व अलनाभारी रेलवे स्टेशनों पर दर्जनों रेलकर्मी कोरोना संक्रमित हवे चुके हैं। इसको देखने के बाद भी रेल प्रशासन ने कोविड प्रोटोकाल के लिए आवश्यक सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रेनिंग आदि को कोई इंतजाम नहीं है। रेलवे स्टेशनों पर सफाई तो रोजाना हो रही है लेकिन स्टेशनों को सैनिटाइज करने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पूर्व में अयोध्या रेलवे स्टेशन पर गुजरने वाली ट्रेनों को सैनिटाइज किया जाता था लेकिन संसाधनों के अभाव में यह व्यवस्था अब बंद हो गई है। जानकारी के अनुसार ट्रेनों में अकसर संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की सूचना स्टेशन कार्यालय को प्राप्त होती है लेकिन उनके पास कोई इंतजाम न होने के कारण उसकी सूचना जिला प्रशासन को देकर कर्तव्यों की इतिश्री करा ली जाती है। अयोध्या रेलवे स्टेशन के अधीक्षक महेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इससे स्टेशन पर भी अब भीड़ नजर आ रही है। कहा कि स्टेशन परिसर की सफाई हो रही है, सैनिटाइजेशन व थर्मल स्क्रेनिंग आदि करने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।