80 मीटर में सिर्फ 18 पिलर बनाने में लगे तीन साल
रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण में भारी लापरवाही से हलकान हैं इलाके के लोग
पिछले साल जून में ही 1030.96 मीटर लंबा ओवर ब्रिज व सर्विस लेन की थी डेड लाइन
फोटो नं.25
भेलसर। तीन बरस पहले रुदौली रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज की नींव रखी गई थी, उस वक्त यहां के बाशिंदों के चेहरे पर मुस्कान दिखी थी, लेकिन अब इनके चेहरे से खुशी काफूर हो गई है। वजह, इस ओवरब्रिज के निर्माण को तीन बरस से अधिक वक्त बीत चुका है, पर अभी तक निर्माणाधीन ओवरब्रिज बनकर तैयार नहीं हो सका। आज भी अधूरा पड़ा है, हालांकि निर्माण में देरी के पीछे कार्यदायी संस्था निर्माण सामग्री में महंगाई का रोना रो रही है। निर्माण कार्य पूरा न होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
रुदौली रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से निजात दिलाने को शासन ने यहां पर ओवरब्रिज बनवाने का फैसला लिया था। शासन के फरमान पर जिला प्रशासन ने इस क्रॉसिंग पर करीब 1030.96 मीटर लंबा ओवर ब्रिज व सड़क के दोनों तरफ सर्विस लेन बनाने का भी प्रस्ताव था। इस पर शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर 23.56 करोड़ की धनराशि मंजूरी की गई थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सौंपी गई। निर्माण पूरा करने को जून 2019 का समय मुकर्रर था। कार्यदायी संस्था ने शुरुआती दौर में जोर-शोर से काम शुरू किया। मुकर्रर समय में काम पूरा न होने पर इसकी तिथि पुन: बढ़ाई गई, फिर भी कार्यदायी संस्था ओवरब्रिज निर्माण को कंप्लीट नहीं कर पाए। जबकि अहिस्ता-आहिस्ता वर्ष 2020 भी गुजरने वाला है। निर्माण कार्य में सुस्ती का आलम यह है कि अब तक 80 मीटर में सिर्फ 18 पिलर ही बना सका है। समय गुजरने के साथ ही ब्रिज निर्माण की लागत भी बढ़ती गई, जिसकी लागत में 9 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि कर दी गई। नियमानुसार किसी भी ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य कराने से पूर्व सर्विस लेन बनाई जाती है। लेकिन, रुदौली रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज निर्माण में राज्य सेतु निगम व रेलवे के अधिकारियों ने नियम कानून की धज्जियां उड़ाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। सेतु निगम के अधिकारियों ने थोड़ा रास्ता तो बना दिया लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपनाकर रास्ता ही बंद कर दिया। जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों को तीन साल से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन हालात में ब्रिज का काम अभी भी अगले एक साल में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। इससे जनता को जल्द राहत मिलने की भी उम्मीद नहीं है। रेल अधिकारी से लेकर जिला प्रशासन तक चुप्पी साधे हुए है। निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा इस बारे में रेलवे विभाग का कोई भी अधिकारी बताने को तैयार नहीं है।
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अभी पूरा होने की संभावना नहीं
विभागीय सूत्रों की माने तो अभी एक साल तक ओवरब्रिज का निर्माण पूर्ण होने की संभावना नहीं है। इससे हाइवे रोड पर जाने वाले लोगों तथा वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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पांच किमी का लगता अतिरिक्त चक्कर
ओवरब्रिज निर्माण के कारण वाहन चालकों को दो किलोमीटर की दूरी के बजाय पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। प्रमुख बात यह है कि रुदौली-लोहियापुल सिंगल सड़क होने तथा भारी वाहनों का दबाव रहने से आवागमन प्रभावित हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर रुदौली-रौजागांव मार्ग का चौड़ीकरण हो रहा है, इस कारण जेसीबी मशीन द्वारा डामर उखाड़ दिए जाने से गिट्टियां ऊपर निकल आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब किसी प्रसूता या गंभीर मरीज को सीएचसी खैरनपुर लाना पड़ता है। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी होती है।