पटरंगा। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान शनिवार को मवई से लेकर नेशनल हाईवे तक करीब 200 पटरी दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया। इससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। शनिवार की रात दुकान उजड़ने के गम में इन परिवारों के चूल्हे नहीं जले। वहीं व्यापारियों में अतिक्रमण के नाम पर पक्षपात करने को लेकर भी गहरा आक्रोश व्याप्त है।
गौरतलब है कि लोकनिर्माण विभाग ने पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार को नेशनल हाईवे से लेकर मवई कस्बे तक जेसीबी मशीन से पटरी पर लगी दुकानों को हटा दिया गया। दुकानदार पुलिस व प्रशासन के सामने दो दिन का समय की भीख मांग रहे थे लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई।
दुकानदार सुनील निषाद, राम राज यादव, राम चरन यादव, रिंकू, विनोद, अली मोहम्मद, शाकिब, शकील, अरविंद, राहुल, प्रभाकर, धीरज, शादाब, संदीप, सुरेश, लल्लन, महेश, सतीश, राम नरेश, सीताराम, गुड्डू, सुरेश ने बताया कि नेशनल हाइवे से लेकर मवई कस्बा तक पटरी दुकानदार व गुमटी व छप्पर के नीचे चाय बेचने वालों को प्रशासन ने बेरोजगार कर दिया। बताया कि वह छोटी छोटी दुकानों के सहारे अपने परिवार का भरण पोषण करते थे, अब उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि मवई चौराहा से लेकर पटरंगा मंडी तक कई जगहों पर तमाम अवैध आलीशान भवन व माल शोरूम प्रशासन की नजर मे नहीं आए, सिर्फ गरीब दुकानदारों को उजाड़ा गया। इसकी शिकायत रूदौली विधायक रामचंद्र यादव से भी की गई। विधायक ने बताया कि वह इस कोरोना पॉजिटिव होने के कारण आइसोलेट हैं, कहा कि ठीक होने पर वह पीड़ित दुकानदारों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।