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तेज हवा के साथ झमाझम बारिश, फसलों को नुकसान

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अयोध्या। लगातार दूसरे दिन भी तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश से किसानों को भारी क्षति हुई है। खासकर धान व गन्ने की फसलें खेतों में जमीदोंज होने से किसानों के गाढ़ी कमाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं, बारिश की वजह से पारा लुढ़कने से भीषण गर्मी व उमस से लोगों ने राहत महसूस किया, लेकिन शहर से लेकर देहात तक हुए जलभराव से लोग परेशान हुए। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे में हल्की सी मध्यम वर्षा होने का अनुमान लगाया है।
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बुधवार को दिन भर हुई बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी अनवरत जारी रहा। बृहस्पतिवार दोपहर तक बूंदें न टूटने से लोग घरों में कैद रहे। कुछ इलाकों में तो पेड़ आदि गिरने की वजह से विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। शाहगंज बीकापुर में सर्वाधिक 146.6 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई। जबकि कुमारगंज में 69.6, बासगांव में 84, पिरखौली में 38.4 मिमी वर्षा हुई। शहरी इलाकों में भी करीब सौ मिमी वर्षा होना आंका जा रहा है। इस भारी बरसात से आमजन को तो भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली, लेकिन शहर से लेकर देहात तक तमाम मोहल्ले में हुए जलभराव से सांसत रही।
शहर के पुलिस लाइन, सिविल लाइन, रोडवेज, कचेहरी परिसर, तहसील परिसर, रामनगरी के बिड़ला धर्मशाला के सामने, दंत धावन कुंड, जैन मंदिर मार्ग, हनुमान गढ़ी चौराहा, सब्जी मंडी, तपस्वी छावनी सहित अन्य इलाकों में लोगों का राह चलना दूभर हो गया। शहर के अश्वनीपुरम कालोनी फेस-2 में नाले का गंदा पानी लोगों के घरों में घुसने लगा तो परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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उधर, 6.4 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली उत्तरी-पूर्वी हवाओं से फसलों को भारी क्षति हुई। महबूबगंज प्रतिनिधि के अनुसार, 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। भारी बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया। गन्ना और धान की फसलें जमींदोज हो गई। शेरवा घाट निवासी श्रीनाथ सिंह, रामकुमार सिंह, सुजानपुर निवासी विनोद सिंह आदि की धान की चौपट हो गई।
रिपुदमन सिंह, कौशल कुमार सिंह, अंजनी कुमार सिंह, अमरनाथ सिंह आदि की गन्ने की फसल गिर गई। उद्यानिक किसान रमाकांत त्रिपाठी और बलराम यादव ने बताया कि बरसात से बैंगन की फसल गिर गई। लौकी, तोरई, कद्दू के तैयार फलों के खेतों में सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। क्षेत्र में 30 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप होने से दिक्कतों से गुजर रहे हैं।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार, तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने किसानों को तबाह कर दिया। खेतों में खड़ी धान की फसल हवा के झोंकों से खेतों में जमींदोज हो गई। बड़ागांव प्रतिनिधि के अनुसार, भरथूपुर निवासी प्रगतिशील किसान केदारनाथ मौर्य, पिलखावां निवासी राम अकबाल सिंह, बड़ागांव के गौरव पांडेय के खेतों के भी फसल चौपट हो गयी।
गदुरहीबजार प्रतिनिधि के अनुसार, बरसात के चलते लोगों का दैनिक कामकाज प्रभावित हुआ। अमानीगंज ब्लॉक क्षेत्र के रायपट्टी, तुलापुर और गहनाग में सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। शाम को बरसात होने से अमानीगंज बाजार सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में पटरी दुकानदारों को अपनी दुकानें समेटनी पड़ी।
रानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, ग्राम सभा भाईपुर, दौलतपुर, सरियावां, कादीपुर, अमौना, सिड़हिर के किसानों की गन्ना, धान, सब्जी आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार, शिवरामपुर निवासी मनोज तिवारी, नंदा तिवारी का पुरवा निवासी अरविंद तिवारी, उमरनी पिपरी के दयाराम वर्मा, कपिल देव पाठक ने बताया कि बरसात के कारण उनकी गन्ने और धान की फसल गिर गई है। साथ ही चौरे बाजार, कोछा, खजुरहट, किसानगंज, उमरपुर, शाहगंज, जलालपुर माफी आदि स्थानों पर भी धान और गन्ने की फसल गिर जाने से नुकसान हुआ है।
चांदपुर गांव में हाईवे के किनारे गुरुवार दोपहर गूलर का पेड़ गिर जाने से रामप्रताप साहू के मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। लेकिन परिजन घर के बाहर होने कारण बाल-बाल बच गए। बरसात के चलते सीएचसी बीकापुर परिसर, तहसील परिसर, खंड शिक्षा अधिकारी परिसर, उप डाकघर बीकापुर सहित अन्य कई स्थानों पर कीचड़ और जलभराव हो गया।
बीकापु्र। ब्लॉक क्षेत्र के गांव ससौली असकरनपुर में बुधवार शाम बिजली गिरने से घर के सामने बंधी भैंस की मौत हो गई। सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है। राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लेखपाल को भेजा गया था। पीड़ित किसान को सहायता दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वहीं, दिन का तापमान 4.5 डिग्री लुढ़ककर 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री कम रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री कमी के साथ 23 डिग्री रहा। आद्र्रता अधिकतम 96 एवं न्यूनतम 81 प्रतिशत दर्ज की गई। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा के अनुसार, अगले चैबीस घंटे में मध्यम बादल छाए रहने व हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
सितंबर माह में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए बारिश से खास नुकसान नहीं है। लेकिन तेज हवाओं से खतरा हो सकता है। खेतों में नमी रहने से धान की फसल के लिए काफी फायदा है। जबकि बुवाई करने वाले किसानों को भी आगे राहत मिलेगी।
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- बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अयोध्या
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