फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सम्मान निधि की छठवीं किस्त से वंचित रह गए 1.80 लाख किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। भारत सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि की भेजी गई छठवीं किस्त से जिले के 1.80 किसान वंचित रह गए हैं। जबकि योजना शुरू होने के समय से ही पात्रता सूची में शामिल 1.49 लाख किसानों के खाते में छठवीं किस्त की 29.80 करोड़ की धनराशि भेजी जा रही है। इससे जहां एक ओर लाभान्वित होने किसानों में खुशी का माहौल है तो वंचित किसान मायूस नजर आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पंजीकरण एवं पात्रता निर्धारण में विलंब होने के कारण किस्तें भी विलंब से जा रही हैं।
विज्ञापन

भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की गई है। लघु एवं सीमांत किसानों को योजना के तहत वर्ष में तीन किस्तों में छह हजार रुपए की आर्थिक सहायता की जा रही है। यह धनराशि किसानों के बैंक खाते में प्रेषित किए जा रहे हैं। योजना के तहत अब तक जिले में 3,29,529 किसान पात्र पाए गए हैं। इन सभी किसानों की प्रथम किस्त तो भेजी ही जा चुकी है। जबकि इनमें से 3,12,464 किसानों को दूसरी किस्त, 2,94,392 किसानों की तीसरी किस्त, 2,53,778 किसानों की चौथी किस्त, 2,09,709 किसानों की पांचवीं किस्त एवं 1,49,470 किसानों की छठवीं किस्त प्राप्त हो चुकी है।
हाल ही में भारत सरकार की ओर से भेजी गई छठवीं किस्त की बात करें तो कुल पंजीकृत किसानों में से 1,80,059 किसान वंचित रह गए हैं। विभागीय अधिकारियों की बात करें तो इसके पीछे का मूल कारण समय से पंजीकरण न होना एवं विभिन्न तकनीकी खामियां होना रहा है। वर्ष 2019 में योजना के धरातल पर आने के बाद आवेदन करने वाले किसानों को भौतिक सत्यापन के बाद आवश्यक दस्तावेज न होने व तमाम तकनीकी खामियों की वजह से अपात्र कर दिया गया था। उस समय जो किसान पात्र मिले, उन्हें हर किस्त का लाभ मिलता रहा, लेकिन शेष किसान वंचित रह गए।
विज्ञापन

कृषि भवन के पटल प्रभारी अरविंद पटेल ने बताया कि मौजूदा समय में 1.49 लाख किसानों को छठवीं किस्त मिली है, जबकि 3.29 लाख किसानों को प्रथम किस्त प्राप्त हो गई है। जो धनराशि मिली है, वह किसानों के खातों में जा रही है। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह ने बताया कि पात्रता निर्धारण होने के बाद ही धनराशि खातों में जा रही है। योजना के समय से ही जो किसान पंजीकृत थे, उन्हें लगातार लाभ मिल रहा है। शेष किसानों को भी किस्तें मिलना शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें