अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या के प्रमुख पक्षकार रहे साकेतवासी महंत भास्कर दास की तृतीय पुण्यतिथि नाका हनुमानगढ़ी में परंपरागत रूप से मनाई गई। हर वर्ष पुण्यतिथि पर जहां वृहद धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता था, इस वर्ष कोरोना के चलते सीमित आयोजन के मध्य केवल परंपरा का निवर्हन किया गया।
महंत रामदास के संयोजन में प्रात:काल वैदिक ब्राम्हणों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ सद्गुरुदेव भगवान का पूजन-अर्चन किया गया तत्पश्चात सामूहिक हवन कर आरती के उपरांत श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
महंत रामदास ने बताया कि सद्गुरूदेव भगवान साकेतवासी महंत भाष्कर दास 1949 में श्रीराम जन्मभूमि के सहायक पुजारी के पद पर आसीन हुए। उन्होंने 1959 से 2010 तक श्रीराम जन्मभूमि मुकदमे की पैरवी की। 2011 से 16 सितंबर 2017 तक निर्मोही अखाड़ा रामघाट अयोध्या बैठक के महंत भी रहे।
उन्होंने अपना पूरा जीवन श्रीराम जन्मभूमि की सेवा में लगा दिया था। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में पंडित रामनेवाजदास, आचार्य पंडित रंजन कुमार पांडेय, इंजीनियर तिलक राज तिवारी, विनय कुमार पांडेय, अजय कुमार तिवारी, संतोष कुमार मिश्र, अभिलाष शुक्ला, प्रवेश कुमार शुक्ल सहित अन्य शामिल रहे।