अयोध्या। सड़क चौड़ीकरण को लेकर महीनों से आंदोलित अयोध्याधाम के व्यापारियों ने मंगलवार को बाजार बंद रखकर विरोध-प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने वादा किया था कि उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन प्रशासन अपने वादे से मुकर गया है।
राममंदिर जाने वाले तीन रास्तों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जिसमें सहादतगंज-नयाघाट को रामपथ, शृंगारहाट से रामजन्मभूमि को भक्ति पथ व सुग्रीव किला से रामजन्मभूमि को रामजन्मभूमि पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भक्तिपथ के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 13 किमी. लंबे रामपथ को लेकर व्यापारी व प्रशासन आमने-सामने है। व्यापारियों ने रविवार केे प्रदर्शन कर प्रशासन को 48 घंटे के अंदर उनकी मांगों पर विचार करने को कहा था।
इसके बाद मंगलवार सुबह से ही व्यापारियों ने दुकानें बंद रख विरोध किया। प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने उदया चौराहे से लेकर नयाघाट तक की सभी दुकानों के शटर डाउन कर दिए।
सुबह से ही बंदी के चलते श्रद्धालु चाय-पान के लिए भी तरस गए। हालांकि अयोध्या धाम में बंदी के दौरान व्यापारियों में एकजुटता नहीं दिखी। शृंगारहाट से रामजन्मभूमि मार्ग के व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोले रखीं।
बंदी में सत्ता पक्ष से जुड़े व्यापारियों ने भी दुकानें बंद कर विरोध जताया। इनका कहना था कि राजनीति अपनी जगह है लेकिन यहां रोजी-रोटी का सवाल है। प्रशासन को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। व्यापारी पंकज गुप्ता ने कहा कि रामपथ पर व्यापारियों को मुआवजा कम दिया जा रहा है।
जबकि भक्तिपथ पर दुकानों की चौड़ाई और गहराई नापकर सर्किल रेट पर डबल मुआवजा दिया गया। भक्तिपथ की तर्ज पर ही रामपथ पर भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। बालकृष्ण वैश्य, नंदलाल गुप्ता, अश्वनी गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव आदि ने भी बंदी को पूरा समर्थन दिया।
व्यापारी नेता नंदकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशासन ने व्यापारियों की चेतावनी दरकिनार कर दिया। इसलिए बाजार बंदी की गई है। यदि अब भी प्रशासन नहीं माना तो आने वाले दिनों में बेमियादी बाजारबंदी के साथ नगर निकाय चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा।
शक्ति जायसवाल ने कहा कि उजाड़ने से पहले पुनर्वास की समुचित व्यवस्था प्रशासन को करनी होगी, नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सुफलचंद्र मौर्या ने कहा कि नजूल की जमीन पर पुश्तैनी जो काबिज हैं।
उन्हें विस्थापित करने के लिए सरकारी नीति के तहत उनको भूमि के स्वामित्व का अधिकार दिया जाए। बृजकिशोर गुप्ता बोले कि हमारे पुनर्वास की मुकम्मल व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए।